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हर किसी के लिए शुभ नहीं होता माणिक्य, जानिए किन राशियों को मिलता है इसका फायदा

Updated: Fri, 12 Jun 2026 12:01 PM (IST)

माणिक्य रत्न का संबंध सूर्य ग्रह से माना जाता है। जानिए किन राशियों के लिए यह शुभ होता है, इसके फायदे क्या हैं और इसे धारण करने की सही विधि क्या है। ...और पढ़ें

माणिक्य धारण किस राशि के लिए बेहतर? (AI-Generated Image)

माणिक्य धारण किस राशि के लिए बेहतर? (AI-Generated Image)

HighLights

  1. माणिक्य रत्न का संबंध सूर्य ग्रह से माना जाता है

  2. सिंह राशि के जातकों के लिए इसे विशेष रूप से शुभ माना जाता है

  3. बिना कुंडली विश्लेषण के माणिक्य धारण नहीं करना चाहिए

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में नौ प्रमुख रत्नों का विशेष महत्व बताया गया है। इनमें माणिक्य (Ruby) को सूर्य ग्रह का प्रतिनिधि रत्न माना जाता है। लाल रंग का यह चमकदार रत्न ऊर्जा, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य मजबूत स्थिति में हो या उसे मजबूत करने की आवश्यकता हो, तो योग्य ज्योतिषीय सलाह के बाद माणिक्य धारण किया जा सकता है।

हालांकि, कई लोग फैशन या शौक के कारण रत्न पहन लेते हैं, लेकिन ज्योतिष में इसे उचित नहीं माना गया है। मान्यता है कि किसी भी रत्न को धारण करने से पहले कुंडली का विश्लेषण कराना जरूरी होता है। गलत रत्न या अशुभ ग्रह का रत्न धारण करने से अपेक्षित लाभ मिलने के बजाय नकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं।

इन राशियों के लिए शुभ

ज्योतिष के अनुसार, सिंह राशि के जातकों के लिए माणिक्य सबसे अधिक शुभ माना जाता है, क्योंकि सिंह राशि के स्वामी सूर्य देव हैं। इसके अलावा मेष, धनु और वृश्चिक राशि के कुछ जातकों को भी कुंडली की स्थिति के अनुसार यह रत्न पहनने की सलाह दी जाती है। वहीं, अगर जन्म कुंडली में सूर्य शुभ भावों में मजबूत स्थिति में विराजमान हो, तो भी माणिक्य लाभकारी माना जा सकता है।

Manikya niyam

(AI-Generated Image)

माणिक्य को आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रत्न माना जाता है। कहा जाता है कि इसे धारण करने से निर्णय लेने की क्षमता मजबूत हो सकती है और व्यक्ति के व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ सकता है। प्रशासन, राजनीति, सरकारी सेवा, प्रबंधन और नेतृत्व से जुड़े क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोगों के लिए भी इसे शुभ माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, यह रत्न समाज में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा दिलाने में सहायक हो सकता है।

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माणिक्य धारण करने के नियम

माणिक्य धारण करने के लिए सोने या तांबे की अंगूठी को शुभ माना गया है। इसे रविवार के दिन सूर्योदय के बाद पहनने की परंपरा है। अंगूठी धारण करने से पहले गंगाजल, कच्चे दूध, शहद और स्वच्छ जल से शुद्ध किया जाता है। इसके बाद, सूर्य देव को अर्घ्य देकर “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का जप किया जाता है। मान्यता है कि माणिक्य को दाएं हाथ की अनामिका उंगली में धारण करना सबसे शुभ रहता है। लेकिन, बिना कुंडली जांच के माणिक्य न पहनने से बचना सही माना गया है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।