नेपाल में सांप्रदायिक तनाव का भारतीय बाजारों पर असर, सीमा पर आवाजाही घटी; बॉर्डर पर हाई अलर्ट
नेपाल के सुनसरी जिले में सांप्रदायिक तनाव के कारण भारतीय सीमावर्ती बाजारों पर बुरा असर पड़ा है, जहां आवाजाही घटने से कारोबार में 50% तक की गिरावट आई ह ...और पढ़ें

HighLights
नेपाल में सांप्रदायिक तनाव, एक की मौत, कर्फ्यू लागू।
भारतीय सीमावर्ती बाजारों में 50% तक कारोबार घटा।
जोगबनी सीमा पर सुरक्षा बढ़ी, समन्वय बैठक हुई।
जागरण संवाददाता, अररिया। भारत से सटा नेपाल का सीमावर्ती क्षेत्र पिछले चार दिनों से अशांत है। नेपाल के सुनसरी जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे बजाने के विवाद के बाद सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया। पुलिस की गोली से एक हिंदू की मौत के बाद विरोध-प्रदर्शन तेज हो गया और प्रभावित क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया।
इसका असर भारतीय सीमा क्षेत्र के नरपतगंज से सटै बाजारों पर भी दिख रहा है। नरपतगंज के फुलकाहा, बसमतिया, सोनापुर, घूरना, बेला के बाजार में नेपाल से लोगों की आवाजाही काफी कम हो गई है। कोशिकापुर और मानिकपुर बॉर्डर पर आवागमन बंद रहने से याहं का बाजार प्रभावित हैं।
पिछले चार दिनों में 50 प्रतिशत तक कारोबार घटने का अनुमान है। हालांकि, जोगबनी मुख्य सीमा से आवाजाही सामान्य है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है। फुलकाहा, बसमतिया, सोनापुर, घूरना और बेला का बाजार मुख्य रूप से नेपाल के ग्राहकों पर ही निर्भर है।
नेपाल के देवानगंज, इनरवा, कप्तानगंज, चिमरी, हरीनगरा, भूतहा, घुसकी, लौकही आदि जगहों से ग्राहक किराना सामान के अलावा कॉस्मेटिक, कपड़ा, पीतल का बर्तन, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, दवाइयां, कृषि उपकरण, हार्डवेयर, जूता-चप्पल एवं अन्य आवश्यक सामान खरीदने के लिए भारतीय बाजारों में आते रहे हैं, लेकिन प्रदर्शन के बाद यह आवाजाही लगभग पूरी तरह बंद हो गई है।
खबरें और भी
इसका परिणाम यह हुआ कि सामान्य दिनों में भीड़भाड़ से गुलजार रहने वाले फुलकाहा, घुरना, बसमतिया, बेला और सोनापुर बाजार इन दिनों सूना नजर आ रहा हैं।
फुलकाहा बाजार के किराना व्यापारी राजेश भगत, बजरंग गुप्ता, कॉस्मेटिक व्यवसायी आनंद साहा, रंजीत दास, राजा साहा, मिठू साहा, हार्डवेयर व्यवसायी अशोक दास, शंभु भगत, बेला के सन्नू कुमार ने बताया कि सामान्य दिनों में उनकी प्रतिदिन 40 से 50 हजार रुपये तक की बिक्री होती थी, लेकिन आंदोलन शुरू होने के बाद बिक्री घटकर मात्र पांच से दस हजार रुपये प्रतिदिन रह गई है।
सुनसरी जिले के देवानगंज गांवपालिका स्थित कप्तानगंज, देवानगंज, हरिनगरा में जारी कफ्र्यू के बीच वहां के लोगों की आवाजाही भारतीय क्षेत्र में नहीं हो रही है। इसका आंशिक असर नेपाल से सटे सिकटी और कुर्साकांट के मेघा, सिकटी, आमबाड़ी, सोनामनी गोदाम, पहाड़ा के बाजार पर भी दिख रहा है।
जोगबनी व्यापार संघ के उपाध्यक्ष मंटू भगत ने बताया कि सुनसरी जिले में तनाव का असर जोगबनी क्षेत्र के बाजार पर नहीं है। सुनसरी से सटे भारतीय क्षेत्र के बाजार पर इसका असर देखा जा रहा है। वहां व्यापार 50-60 प्रतिशत तक कम हो गया है।
इधर, उपद्रव को लेकर भारतीय सीमा पर भी कड़ी चौकसी बरती जा रही है। जोगबनी सीमा के बीसीपी गेट पर बुधवार की शाम एसएसबी 56वीं वाहिनी के द्वितीय कमान अधिकारी नितिन कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में सशस्त्र सीमा बल एवं काउंटर पार्ट एपीएफ नेपाल के साथ समन्वय बैठक हुई।
जिसमें सुनसरी और मोरंग जिले की वर्तमान सुरक्षा स्थिति, उपद्रवियों की पहचान और आवाजाही रोकना, अतिरिक्त बल की तैनाती, भडकाने वाले शरारती तत्वों की पहचान, अफवाहों पर नियंत्रण, संयुक्त गश्ती आदि पर चर्चा हुई।
26 जुलाई की रात भड़की थी हिंसा
भारत-नेपाल सीमा से सटे नरपतगंज प्रखंड के फुलकाहा थाना क्षेत्र अंतर्गत मानिकपुर बार्डर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज गांवपालिका स्थित कप्तानगंज चौक पर 26 जुलाई की देर रात पिंडेश्वर धाम के लिए निकाली जा रही बोलबम यात्रा के दौरान हुआ विवाद सांप्रदायिक हिंसा में बदल गया था।
हालात बिगड़ने पर नेपाल पुलिस की फायरिंग में एक युवक ओमप्रकाश मेहता की मौत हो गई थी, जबकि नौ लोग घायल हो गए। इसके बाद सुनसरी जिला प्रशासन ने 27 जुलाई को पूरे क्षेत्र में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया था।