नेपाल जाने वालों के लिए खुशखबरी, 200 और 500 के भारतीय नोटों से हटी पाबंदी, साथ ले जा सकेंगे ₹25000
नेपाल ने भारतीय करेंसी के आवागमन पर लगी पाबंदियों में ढील दी है, अब 200 और 500 रुपये के नोट (9 नवंबर 2016 के बाद जारी) प्रति व्यक्ति 25,000 रुपये तक ल ...और पढ़ें

नेपाल में भारतीय नोटों पर ढील
HighLights
नेपाल में 200, 500 रुपये के भारतीय नोटों पर ढील।
प्रति व्यक्ति 25,000 रुपये तक ले जाने की अनुमति।
सीमावर्ती व्यापार, आवागमन और संबंधों को मिलेगा बढ़ावा।
दीपक कुमार गुप्ता, सिकटी (अररिया)। नेपाल ने भारतीय करेंसी के आने-जाने पर लगी पाबंदियों में ढील दी है। अब भारतीय और नेपाली नागरिक 9 नवंबर 2016 के बाद जारी किए गए 200 और 500 रुपये के भारतीय नोट अपने साथ ले जा सकते हैं।
नेपाल राष्ट्र बैंक (एनआरबी) के मुताबिक, इन नोटों को प्रति व्यक्ति 25,000 रुपये की सीमा तक नेपाल में लाया या ले जाया जा सकता है। नए नियमों के तहत दोनों देशों के नागरिक मौजूदा नियमों का पालन करते हुए मंजूर किए गए करेंसी नोट नेपाल ला सकते हैं।
एनआरबी ने साफ किया है कि 2016 में नोटबंदी से पहले जारी किए गए पुराने भारतीय करेंसी नोट नेपाल में प्रतिबंधित रहेंगे। एनआरबी ने यह भी कहा कि नई व्यवस्था के तहत सिर्फ 9 नवंबर 2016 के बाद जारी किए गए नए डिजाइन वाले 500 रुपये और 200 रुपये के भारतीय नोटों को ही मंजूरी दी गई है।
बताया जा रहा है कि नेपाली नागरिकों को भारत के अलावा किसी अन्य देश से नेपाल में भारतीय करेंसी लाने की इजाजत नहीं होगी। यह भी साफ किया गया है कि नेपाली नागरिकों द्वारा नेपाल से बाहर ले जाई जाने वाली भारतीय करेंसी को सिर्फ भारत ही ले जाया जा सकेगा, किसी तीसरे देश नहीं।
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इस नए प्रावधान से सीमा पर बसे भारतीय व नेपाली मूल के नागरिक काफी खुश हैं। साथ ही इस आदेश के बाद सीमावर्ती क्षेत्र के बाजारों में काफी रौनक दिख रही है।
लोगों ने बताया कि इस नए प्रावधान से नेपाल आने वाले भारतीय पर्यटकों और भारत के साथ व्यापार और कारोबार करने वाले नेपाली नागरिकों को आसानी होगी।
नियमों में यह बदलाव उन पाबंदियों के बाद हुआ है, जो आठ नवंबर 2016 को भारत में नोटबंदी की घोषणा के बाद लगाई गई थीं, जब 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोट चलन से हटा दिए गए थे।
सीमावर्ती इलाकों को लाभ:
सिकटी, कुआड़ी, डुमरिया, लेलोखर, आमगाछी, मेघा, पहारा जैसे सीमावर्ती इलाकों के लोगों को इस फैसले का सीधा लाभ मिलेगा।
धार्मिक स्थल, इलाज, खरीदारी या रिश्तेदारी में जाने वाले लोग अब बिना करेंसी बदलवाए भारतीय नोटों से ही आसानी से भुगतान कर सकेंगे। इससे कपड़ा, किराना, दवा, कृषि उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक्स के कारोबार में तेजी आएगी।
नेपाल राष्ट्र बैंक के इस फैसले का सिकटी सहित सीमावर्ती क्षेत्रों के व्यापारियों, ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों और आम नागरिकों ने स्वागत किया है।
क्षेत्र के लोगों में गोरख सिंह, उमेश केशरी, बालकृष्ण मंडल, श्याम साह, पिंटू साह, मुरारी गुप्ता, बिनोद चौधरी, युगल गुप्ता, संदीप कुमार, संतोष भारतीय, राधेश्याम साह आदि का कहना है कि इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, नकदी लेन-देन आसान होगा तथा सीमा पार आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम बनेगा। यह निर्णय भारत-नेपाल के आर्थिक और सामाजिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।