बिहार के हर गांव में खुलेगा मिल्क कलेक्शन सेंटर, पंचायतों में बनेंगे 'सुधा बूथ'; CM नीतीश कुमार का एलान
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बांका के तेलंगवा गांव में जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने हर गांव में दुग्ध संग्रह केंद्र और पंचायत स्तर पर सु ...और पढ़ें
-1773758821263_m.webp)
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। फाइल फोटो

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, बांका। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कटोरिया प्रखंड के तेलंगवा गांव में जन संवाद कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर गांव में दुग्ध संग्रह केंद्र खोले जा रहे हैं। बांका में 1031 गांवों में खुलना है। साथ ही पंचायत स्तर सुधा बूथ भी खोले जा रहे हैं।
बांका में कराए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां पर भी औद्योगिक क्षेत्र चिन्हित की गई है। रोजगार के लिए चार लाख 9 हजार महिलाओं को 10- 10 हजार रुपए दिए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए सभी 11 प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को विशिष्ट अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा और सदर अस्पताल को अति विशिष्ट अस्पताल के रूप में विकसित किया जाना है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए सरकारी स्कूल खोले गए और शिक्षकों की बहाली की गई।
2005 से पहले की सरकार पर तंज करते हुए कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति इतनी खराब थी कि हर रोज औसतन एक किया दो मरीज इलाज करने आते थे, लेकिन आज औसतन हर महीने 11400 मरीज इलाज के लिए आते हैं।
हर घर तक बिजली पहुंचा दी गई है अब इच्छुक लोगों के घर पर सोलर प्लेट लगाई जा रही है। 50 लाख लोगों के घरों पर सोलर प्लेट लगाने की मंजूरी भी दे दी गई है।
महिलाओं के लिए हुआ काम
उन्होंने कहा कि सरकार सभी वर्गों के लिए काम कर रही है। महिलाओं के लिए ग्राम पंचायत के साथ-साथ नगर निकाय में भी 50 फीसद के आरक्षण की व्यवस्था की गई है।
साथ ही सरकारी नौकरी में महिलाओं के लिए 35 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की गई है। महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया था।
राज्य भर में 11 लाख पांच हजार समूह का संचालन किया जा रहा है। जिससे एक करोड़ 69 लाख महिलाएं जुड़ी हैं। शहरी क्षेत्र में भी अब स्वयं सहायता समूह का गठन किया जा रहा है।
अनाज, फल, दूध, अंडा उत्पादन में आत्मनिर्भर
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2008 में कृषि रोड मैप तैयार किया गया था। पहला कृषि रोड मैप 2008 से 2012 तक रहा। दूसरा 2012 से 2017 तक। तीसरा 2017 से 2023 तक और अब चौथे कृषि रोड मैप 2024 से 2029 तक चल रहा है।
खबरें और भी
अनाज, फल, दूध, अंडा सहित अन्य तरह के उत्पादन में हम लोग आत्मनिर्भर हो रहे हैं। राज्य में मछली के उत्पादन में ढाई गुण तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बिहार मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर हो चुका है।
पांच घंटे में पटना का सफर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले रोड की स्थिति क्या थी और अब क्या है? ये तो आप लोग देख ही रहे हैं। अब आप पांच घंटे में पटना पहुंच सकते हैं। अमरपुर में बन रहे बाईपास का भी मुख्यमंत्री ने जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि यहां पर मंदार में रोपवे, चंदन और ओढ़नी जलाशय का जीर्णोद्धार सहित अन्य काम कराए गए। सामाजिक सुरक्षा के तहत 400 की जगह अब पेंशन की राशि 1100 रुपए प्रति महीने कर दी गई है, इससे एक करोड़ 14 लाख लोगों को फायदा हुआ है।