बिहार: नहीं टूटेगा गोपालपुर पुल, बरारी तक फिर बिछेंगी पटरियां; वंदे भारत जैसी नई ट्रेनों का खुलेगा रास्ता
रेलवे ने भागलपुर के जर्जर गोपालपुर ब्रिज को तोड़ने की पथ निर्माण विभाग की अनुमति खारिज कर दी है। रेलवे बरारी में पिटलाइन बनाने की योजना बना रहा है, जि ...और पढ़ें

रेलवे ने डैमेज घोषित गोपालपुर ब्रिज को तोड़ने के लिए आरसीडी को नहीं दी मंजूरी
HighLights
रेलवे ने गोपालपुर ब्रिज तोड़ने की RCD की मांग ठुकराई।
बरारी में नई पिटलाइन के लिए गोपालपुर से गुजरेगी पटरी।
जर्जर पुल पर रोज हजारों वाहनों का होता है परिचालन।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। हवाई अड्डे के बगल से गुजरने वाले वैकल्पिक बाईपास में ब्रिटिशकालीन गोपालपुर रेलवे ब्रिज जर्जर हो चुका है। पांच साल पहले डैमेज घोषित इस पुल पर स्कूली बस समेत हर दिन 12-13 हजार वाहनों का परिचालन होता है। ऐसे में वाहनों के दबाव में जर्जर पुल को तोड़ने के लिए पथ निर्माण विभाग (आरसीडी) की ओर रेलवे से मंजूरी मांगी गई थी।
आरसीडी के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार गुप्ता के अनुसार रेलवे ने एनओसी देने से मना कर दिया. क्योंकि ट्रेनों के मेंटनेस के लिए बरारी में पिटलाइन बनेगा और गोपालपुर होकर ही पटरियां बरारी तक बिछेगी।
रेलवे के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि भोलानाथ रेलवे पुल से भीखनपुर गुमटी नंबर तीन के बीच ट्रेन शंटिंग नेक बनाया जा रहा है। इसका विस्तारीकरण बरारी तक करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
मालदा मंडल के अभियंताओ ने स्थानीय अधिकारियों की टीम के साथ बरारी में स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दिया गया है। जल्द ही दिल्ली की टीम भी सर्वे करेगी। सर्वे रिपोर्ट के बाद आगे की प्रक्रिया बढ़ेगी। गोपालपुर होकर बरारी तक लाइन बिछाई जाएगी. इसलिए अधिकारियों की टीम ने गोपालपुर में भी जायजा लिया।

विक्रमशिला एक्सप्रेस, एलटीटी, अंग एक्सप्रेस, वनांचल एक्सप्रेस, अमरनाथ एक्सप्रेस, जनसेवा एक्सप्रेस, भागलपुर-दानापुर इंटरसिटी सहित डेढ़ दर्जन ट्रेनों का भागलपुर से संचालन होता है, लेकिन कोचिंग यार्ड में ट्रेनों के शंटिंग के लिए पिटलाइन कम है।
भागलपुर से हावड़ा वंदे भारत, लखनऊ-बरौनी एक्सप्रेस का भागलपुर तक विस्तारीकरण सहित देश के अन्य जगहों के लिए ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की योजना के तहत पिटलाइन की जरूरत पड़ेगी। बरारी में काफी जगह है। रेलवे का यहां करीब 20 एकड़ जमीन है।
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40 साल पहले भागलपुर से बरारी के लिए ट्रेन चलती थी। विक्रमशिला सेतु के निर्माण के दौरान ट्रेन बंद हो गई। पटरियां भी हटा ली गई। जगह काफी होने के कारण बरारी में पिटलाइन बनाने की योजना है।
रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी। यहां से देश के अन्य हिस्सों के ट्रेन चलाने की योजना के तहत शंटिंग यार्ड के विस्तारीकरण की योजना पर काम किया जा रहा है। भोलानाथ पुल से भीखनपुर गुमटी नंबर तीन के बीच ट्रेन शंटिंग नेक बनाने का काम चल रहा है।
अब बरारी तक यार्ड विस्तारीकरण की योजना है। यहां पांच इस्टेवलिंग लाइन बिछेगी। यहां पांच-छह ट्रेनों शंटिंग की व्यवस्था होगी। भीखनपुर गुमटी नंबर तीन से बरारी तक रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटेगा। इसके लिए रेलवे क्वाटरों को भी खाली कराया जाएगा। सभी को जल्द नोटिस जारी की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि बरारी तक पटरियां बिछाने के लिए भीखनपुर गुमटी नंबर एक व दो की तरह गुमटी नंबर तीन के पास भी अंडरग्राउंड बनाने की जरूरत पड़ेगी। इधर, नाम नहीं छापने की शर्त पर मालदा मंडल के एक अधिकारी का कहना है कि इस्ट पैनल के पास भी काफी परती जमीन है। टीम ने यहां भी जायजा लिया है।
मालदा मंडल के पीआरओ जसराज माझी ने बताया कि संयुक्त सर्वे रिपोर्ट तैयार किया गया है। रिपोर्ट को मंजूरी मिलने के बाद बरारी में पिटलाइन बनाने की दिशा में आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
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