भागलपुर में आंधी-बारिश ने मचायी तबाही: सड़क-रेलमार्ग बाधित, कई मकान धराशायी; शहर में ब्लैकआउट
भागलपुर में भीषण आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई, जिससे पूरे जिले में ब्लैकआउट हो गया और रेल-सड़क यातायात बाधित हुआ। तेज हवाओं ने पेड़ ...और पढ़ें
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सड़क पर गिरे पेड़। फोटो जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, भागलपुर। दिनभर भीषण ताप से झुलसे जिले में रात 11.30 के करीब आई भीषण आंधी-तूफान व मूसलाधार बारिश ने भीषण तबाही मचा दी।
85 से 110 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली आंधी ने जगह-जगह कई छोटे-बड़े पेड़ व बिजली के पोल उखाड़ दिए, जिससे बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। पूरे जिले में ब्लैक आउट हो गया।
कटिहार-बरौनी रेलखंड पर तार टूटने से ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया। पेड़ गिरने से जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) के सर्जर वार्ड के स्टोर रूम की दीवार गिर गई, खिड़की भी टूट गई।
इससे वार्ड में पानी भर गया। एहतियातन मरीजों को दूसरे कक्ष में शिफ्ट करना पड़ा। सबसे अधिक नुकसान नवगछिया इलाके में हुआ।
यहां आंधी की चपेट में आने से 40 इंच मोटा पेड़ उखड़कर 30-40 फीट दूर जा गिरा। कई कच्चे मकान भी धराशायी हो गए। सड़क किनारे बने अस्थायी ढांचे और दुकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

एनएच-31, एनएच-80 समेत कई प्रमुख मार्गों पर बड़े-बड़े पेड़ गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। रातभर वाहन जहां-तहां फंसे रहे। कई इलाकों में लोग घरों में कैद होकर रह गए। प्रशासन की टीमें देर रात तक सड़कों से पेड़ हटाने में जुटी रहीं।
स्टेशन की दुकानें क्षतिग्रस्त
बिहपुर रेलवे स्टेशन पर भी आंधी का असर साफ दिखा। प्लेटफार्म पर लगा एस्बेस्टस उड़ गया, जबकि स्टेशन परिसर की कई दुकानें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
कटिहार-बरौनी रेलखंड पर कई स्थानों पर बिजली के तार टूट जाने से ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन पूरी व्यवस्था सामान्य होने में समय लग सकता है।

शहर के बरारी घाट पर जिला प्रशासन की ओर से लगाया गया तंबू भी तेज हवा में उखड़ गया। कई मोहल्लों में पेड़ गिरने से लोगों के घरों और वाहनों को नुकसान पहुंचा है।
हालांकि रातभर अंधेरा और खराब मौसम बने रहने के कारण नुकसान का आकलन नहीं हो सका है। प्रशासन ने बताया कि मंगलवार सुबह स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही वास्तविक क्षति का आंकड़ा सामने आ सकेगा।
क्या कहता है मौसम विभाग?
भारत मौसम विज्ञान विभाग, भागलपुर केंद्र के मौसम विज्ञानी अनुपम नाहर ने बताया कि देर रात हवा की रफ्तार 85 से 86 किलोमीटर प्रतिघंटे तक रिकार्ड की गई।
उन्होंने कहा कि ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय तेज हवाओं और बंगाल की खाड़ी से आ रही अत्यधिक नमी के कारण मौसम अचानक उग्र हो गया। विभाग ने 23 से 25 मिमी तक वर्षा होने का अनुमान जताया है।
चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिणी बिहार और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ दक्षिणी बिहार से झारखंड और ओडिशा होते हुए उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश तक उत्तर-दक्षिण द्रोणिका बनी हुई है। इसी सिस्टम के प्रभाव से क्षेत्र में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की स्थिति बनी।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी, बंगाल की खाड़ी से आई नमी और हिमालय की तलहटी से आने वाली ठंडी हवाओं के टकराव ने इस मौसमी गतिविधि को और अधिक खतरनाक बना दिया।
33 केवी लाइन का इंसुलेटर हो गया पंचर
तेज आंधी और बारिश के कारण शहर के अधिकांश इलाकों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। पूर्वी क्षेत्र में ज्योति विहार कालोनी के रास्ते शहर को बिजली आपूर्ति देने वाली 33 केवी लाइन का इंसुलेटर पंचर हो गया, जिससे आपूर्ति ठप रही।
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वहीं रेलवे-गोपालपुर की ओर से आने वाली 33 केवी लाइन में भी तकनीकी खराबी आ जाने से संकट और बढ़ गया। आंधी के दौरान कई स्थानों पर पेड़ और डालियां बिजली तारों पर गिर गईं, जिससे आपूर्ति बाधित हो गई।
तिलकामांझी, जेल रोड, जीरोमाइल, बरारी हाउसिंग बोर्ड, आदमपुर, कोर्ट कैंपस, पुलिस लाइन, घंटाघर समेत दो दर्जन इलाकों में देर रात तक बिजली गुल रही। बिजली विभाग की टीम रातभर पेट्रोलिंग कर क्षतिग्रस्त लाइनों और उपकरणों की पहचान करने में जुटी रही।