Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    भरत तिवारी एनकाउंटर केस में आपत्तिजनक पोस्ट करना पड़ा भारी, 30 सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ FIR दर्ज

    Updated: Tue, 07 Jul 2026 10:06 PM (IST)

    भोजपुर में भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर प्रकरण के बाद आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने पर साइबर पुलिस ने 30 सोशल मीडिया अकाउंट धारकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की ...और पढ़ें

    भरत तिवारी एनकाउंटर। फाइल फोटो

    भरत तिवारी एनकाउंटर। फाइल फोटो

    HighLights

    1. भरत तिवारी एनकाउंटर पर 30 सोशल मीडिया अकाउंट पर FIR.

    2. मुख्यमंत्री, पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट का आरोप.

    3. भ्रामक जानकारी फैलाने, AI के दुरुपयोग पर कार्रवाई शुरू.

    जागरण संवाददाता, आरा। भोजपुर में भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर प्रकरण के बाद इंटरनेट मीडिया पर आपत्तिजनक, भ्रामक एवं भड़काऊ पोस्ट साझा करने के मामले में साइबर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में आरा साइबर थाना में 30 यूजर आइडी धारक एवं कंटेंट निर्माता समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

    प्राथमिकी में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तथा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ आपत्तिजनक एवं अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए वीडियो और पोस्ट साझा करने का आरोप लगाया गया है।

    वैसे तो प्राथमिकी में संदर्भ का जिक्र नहीं है, लेकिन, माना जा रहा कि उपरोक्त प्रकरण में ही साइबर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पुलिस संबंधित यूजर आइडी धारकों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कर रही है।

    साथ ही संबंधित इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म से आपत्तिजनक पोस्ट हटाने और यूजर आइडी बंद कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

    इससे पहले उत्तर प्रदेश के दीपक दीक्षित के विरुद्ध जान से मारने की धमकी देने के आरोप में भी साइबर थाना में प्राथमिकी की गई थी। इस प्रकरण में अब तक आरा साइबर थाना में दो प्राथमिकी हो चुकी हैं।

    सोशल मीडिया अकाउंट की हो रही पहचान 

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, इंटरनेट मीडिया की मॉनिटरिंग के दौरान कई ऐसे इंटरनेट मीडिया अकाउंट और कंटेंट निर्माताओं की पहचान की गई, जिनके द्वारा फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब एवं अन्य वेब प्लेटफॉर्म पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तथा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए वीडियो एवं पोस्ट साझा किए गए हैं।

    खबरें और भी

    प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि इन भ्रामक पोस्टों के माध्यम से समाज में पुलिस एवं बिहार सरकार के प्रति द्वेष और असंतोष फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा AI तकनीक का दुरुपयोग कर फर्जी फोटो और वीडियो तैयार किए जा रहे हैं।

    साथ ही अन्य राज्यों की घटनाओं को भोजपुर एवं बिहार की घटना बताकर आम लोगों को भ्रमित और भड़काने की कोशिश की जा रही है।पुलिस ने ऐसे सभी भ्रामक एवं आपत्तिजनक इंटरनेट मीडिया यूजर आइडी को चिह्नित कर लिया है।

    संबंधित यूजर आइडी के विरुद्ध विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट, भ्रामक या फर्जी पोस्ट को साझा न करें तथा इंटरनेट मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें।

    यह भी पढ़ें- 'दोषी कोई भी हो; बख्शा नहीं जाएगा...', भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर पर बिहार सरकार का एलान

    यह भी पढ़ें- भरत तिवारी एनकाउंटर पर अशोक चौधरी के बयान से JDU ने झाड़ा पल्ला, मंत्री श्रवण कुमार ने कहा- ये उनकी निजी राय