Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    भरत तिवारी एनकाउंटर: बिहार सरकार को जांच रिपोर्ट के लिए 2 सप्ताह की मोहलत, परिजनों को मिलेगा मुआवजा

    Updated: Wed, 08 Jul 2026 03:01 PM (IST)

    बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए सरकार को दो सप्ताह की अतिरिक्त मोहलत दी है। ...और पढ़ें

    भरत तिवारी एनकाउंटर में सरकार को जांच रिपोर्ट के लिए दो सप्ताह की मोहलत

    भरत तिवारी एनकाउंटर में सरकार को जांच रिपोर्ट के लिए दो सप्ताह की मोहलत

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण संवाददाता, आरा। चर्चित भरत एनकाउंटर मामले में जांच रिपोर्ट देने के लिए सरकार ने बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग (बीएचआरसी) से और दो सप्ताह की मोहलत मांगी है। बीएचआरसी ने अनुरोध को मंजूर करते हुए इस मामले में अगली सुनवाई तीन अगस्त को तय की है।

    साथ ही राज्य सरकार को मृतक के स्वजन को अंतरिम राहत के लिए मुआवजा देने का आदेश निर्गत किया है। हालांकि, मुआवजा की राशि तय नहीं की गई है और इसे सरकार के विवेक पर छोड़ दिया गया है।

    पिछले महीने 17 जून को शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी में कथित एनकाउंटर में मौत हो गई थी। मामला तूल पकड़ने के बाद बीएचआरसी ने संज्ञान लेते हुए 22 जून को राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी और भोजपुर के एसपी को पत्र देकर चार सप्ताह में जांच रिपोर्ट देने को कहा था।

    तब आदेश में अगली सुनवाई 13 जुलाई तय की गई थी। तीन जुलाई को राज्य सरकार ने जांच लंबित होने और न्यायिक जांच जारी रहने का हवाला देकर दो सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा।

    आयोग ने माना कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है, इसलिए इस स्तर पर राज्य की कानूनी जिम्मेदारी तय करना उचित नहीं होगा। इसके बावजूद आयोग ने कहा कि मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 18(सी) के तहत राज्य सरकार मृतक के स्वजन को अंतरिम मुआवजा देने पर विचार करे।

    हालांकि, अपने अंतरिम आदेश में आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यह भुगतान बिना किसी पूर्वाग्रह के होगा और इससे जांच या अंतिम निर्णय प्रभावित नहीं होगा। मामले में अगली सुनवाई और रिपोर्ट दाखिल करने की तिथि तीन अगस्त 2026 तय की गई है।

    खबरें और भी

    बीएचआरसी के निबंधक सेवानिवृत्त जज शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि आयोग के आदेश से बिहार के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और भोजपुर के पुलिस अधीक्षक समेत इस मामले से जुड़े सभी पक्षों को ईमेल के द्वारा अवगत करा दिया गया है। डाक से भी इसकी कापी भेजी जा रही है।

    क्या है मामला?

    शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी में एक युवक के पास हथियार होने की सूचना पर 16 जून को पुलिस उसके घर पहुंची थी। इस दौरान पुलिस के सामने युवक भरत तिवारी के द्वारा पिस्टल लहराने का वीडियो वायरल हुआ था, हालांकि तब न तो पुलिस उससे हथियार छीन सकी और न ही उसे पकड़ सकी।

    अगले दिन 17 जून की सुबह कथित एनकाउंटर में युवक की मौत हो गई। भरत तिवारी के द्वारा हथियार फेंक कर आत्मसमर्पण करने के बाद पुलिस द्वारा उस पर गोलीबारी करने और जान मारने का आरोप लगा है।

    इस मामले में युवक की मां आशा देवी ने पुलिस कर्मियों पर हत्या की प्राथमिकी की है। इधर, राज्य सरकार पटना हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज विनोद कुमार सिन्हा के नेतृत्व में न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है।

    यह भी पढ़ें- भरत तिवारी एनकाउंटर केस में आपत्तिजनक पोस्ट करना पड़ा भारी, 30 सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ FIR दर्ज

    यह भी पढ़ें- भरत तिवारी एनकाउंटर पर अशोक चौधरी के बयान से JDU ने झाड़ा पल्ला, मंत्री श्रवण कुमार ने कहा- ये उनकी निजी राय