रक्सौल में 2 साल बाद परिवार से मिली MP से लापता महिला, SSB ने कराया मां-बेटे का भावुक मिलन
रक्सौल में भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी ने दो साल पहले मिली मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को उसके परिवार से मिलाया। माहेर ममता निवास में इलाज के बाद ...और पढ़ें

लापता महिला मिली। फोटो जागरण

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जागरण संवाददाता, रक्सौल। भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल 47 वीं वाहिनी मानव तस्कर रोधी ईकाई के द्वारा दो साल पूर्व सड़क किनारे झाड़ी से मानसिक रुप से विक्षिप्त महिला को माहेर ममता निवास पहुंचाया गया था, जिसे स्वस्थ होने के बाद हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार के उपस्थिति में स्वजनों को सौंप दिया गया।
इस दौरान मां की ममता की छांव मिलते ही मध्य प्रदेश अनुपपुर मैंनटोला से पहुंचे महिला के भाई जयपाल गौंड बेटा और परिवार के लोगों को सौंप दिया गया। तब कुछ क्षण के लिए मां से बेटा, बहन से भाई का मिलन होते देख आंखों से खुशी के आंसू बरसने लगे। माहौल भावुक हो गया।
परिवार को दो साल बाद घर से भटक चुकी बहन मिली, जिसको लेकर पुरा परिवार निराश हो चुका था। भटकी हुई महिला को परिवार से मिलना मानवता का मिसाल और सीमावर्ती क्षेत्रों में कार्यरत एसएसबी की कर्तव्यनिष्ठा का परिणाम है।
क्या है पूरा मामला?
वर्तमान असम में पदस्थापित एसएसबी एएचटीयू के इंस्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि घटना वर्ष 2024 एक मई की है। तब मानसिक रुप से अस्वस्थ और बेसहारा महिला, जो हजमा टोला के समीप रेलवे लाइन और सरकारी स्कूल के पास सड़क किनारे नीचे झाड़ियों में छुपकर बैठी थी। जिसका रेस्क्यू कर माहेर ममता निवास पहुंचाया गया। जहां उन्हें आश्रय देने के साथ-साथ इलाज भी शुरु हुआ।
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महिला स्वस्थ होने लगी और धीरे-धीरे उनकी यादाश्त भी आने लगी। तब उन्हें अपने गांव व स्वजनों की याद आने लगी। जिसकी जानकारी लेकर शर्मा ने पुलिस के सहयोग से परिजनों को सूचना दी।
सूचना मिलते ही स्वजन रक्सौल पहुंचे। जहां परिवार के लोगों के बीच अपने को पाकर महिला ने एसएसबी, माहेर ममता के प्रबंधक, कर्मी के प्रति आभार जताया। वहीं रक्सौल पहुंच महिला के भाई जयपाल गौंड ने रक्सौल के अधिकारी, संस्था एवं आमजन को बधाई दिया।
इस कार्य में इंस्पेक्टर श्री शर्मा, उपनिरीक्षक अनिल कुमार शर्मा, कांस्टेबल जितेन्द्र, कांस्टेबल (महिला) टीनू कुमारी, पिंकी कुमारी, प्रोटेक्टर इंचार्ज बीरेंद्र कुमार और महिला इंचार्ज सुप्रिया बोदरा माहेर ममता निवास का अहम योगदान रहा।
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