जमुई में पूर्व सिविल सर्जन के घर पर लूट: परिवार को इंजेक्शन लगाकर किया बेहोश, फिर बड़ी घटना को दिया अंजाम
जमुई के गिद्धौर में पूर्व सिविल सर्जन विजयेंद्र सत्यार्थी के घर में डकैती हुई। बदमाशों ने परिवार के तीन सदस्यों को पिस्टल दिखाकर सुई लगाकर बेहोश किया ...और पढ़ें
HighLights
पूर्व सिविल सर्जन के घर में हुई बड़ी डकैती।
बदमाशों ने परिवार को सुई लगाकर बेहोश किया।
घटना थाना से महज 15-20 फीट दूर हुई।
संवाद सहयोगी, जमुई। बेखौफ अपराधियों ने गिद्धौऱ थाना के सामने महज 15 से 20 फीट की दूरी पर घर में घुसकर डकैती की बड़ी घटना को अंजाम देकर पुलिस को खुलेआम चुनौती दे दी है। घटना सोमवार की अहले सुबह 5:30 बजे की है, जहां पूर्व सिविल सर्जन विजयेंद्र सत्यार्थी के घर में घुसकर पिस्टल का भय दिखा कर पहले तीन लोगों को सुई लगाकर बेहोश किया, फिर जमकर लूटपाट की और सभी बदमाश फरार हो गए।
घटना की जानकारी सुबह 8:30 बजे उस वक़्त हुई, जब पूर्व सिविल सर्जन विजयेंद्र सत्यार्थी के पुत्र डॉक्टर विक्रम सत्यार्थी को सुबह करीब 8:30 बजे हल्की होश आई, तो उन्होंने फोन कर घटना की जानकारी अपनी पत्नी व रिश्तेदारों के अलावा पड़ोसी साथी को दी।
विधायक पहुंचे अस्पताल
उसके बाद पूरे इलाके में घटना करंट की तरह फैल गई और झाझा विधायक दामोदर रावत सहित बड़ी संख्या लोगों की भीड़ लग गई। उसके बाद पूर्व सिविल सर्जन विजयेंद्र सत्यार्थी के साथ उनकी पत्नी पुष्पम सत्यार्थी और पुत्र डॉक्टर विक्रम सत्यार्थी को बेहोशी अवस्था में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर सैयद नौशाद अहमद, एसीएमओ डॉक्टर अरविंद कुमार सहित अन्य डाक्टरों की टीम द्वारा इलाज किया जा रहा है।
बड़ी बात तो यह है कि घटना गिद्धौऱ थाना के सामने महज 15 से 20 फिट की दूरी पर हुई है, जो पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ी कर रही है। इस घटना ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
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हत्या की सुपारी लेने का दावा
डॉ. विक्रम सत्यार्थी ने बताया कि वे लोग सुबह उठकर घर के हाल में बैठे थे। इसी दौरान पांच की संख्या में हथियार बंद बदमाश घर में प्रवेश कर गए और पिता, मां के साथ उन्हें बंधक बनाकर बेड रूम में लेकर चले गए और हथियार का भय दिखाकर 80 लाख रुपया नगद की मांग करने लगे।
बदमाशों ने यह भी कहा कि किसी ने उसे बताया था कि 80 लाख घर में रखा हुआ है और तीनों की हत्या करने की सुपारी दी गई है। इस दौरान पिस्टल का भय दिखाकर हल्ला नहीं करने की बात कही और इंजेक्शन लगा दिया। उसके बाद क्या हुआ इसकी जानकारी नहीं है।
जांच में जुटी पुलिस
पत्नी पुष्पम सत्यार्थी ने बताया कि सुबह हाल का दरवाजा खोलने के बाद सभी लोग दरवाजा के बाहर खड़े थे और अचानक मुंह बंद कर हथियार का भय दिखाते हुए कहा गया कि हम लोगों को हत्या करने की सुपारी दी गई है, लेकिन डॉक्टर साहब बहुत अच्छे हैं इसलिए हम लोग हत्या नहीं करेंगे, आप लोग शांत रहिए।
उसके बाद सुई लगाकर बेहोश कर दिया गया। जब तीनों बेहोशी अवस्था में हो गए तो डकैती की बड़ी घटना को अंजाम दिया गया।
क्या-क्या सामानों की लूट हुई है, कितने की लूट हुई है इसका फिलहाल पता नहीं चल सका है, लेकिन घर मे रखे नगद, जेवरात व अन्य कीमती सामानों की लूट करने की बातें सामने आ रही हैं। पुलिस घटना के हर पहलुओं पर बारीकी से जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
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