PM मोदी की स्वदेशी अपनाने की पहल पड़ रही फीकी, जमुई-झाझा रेलवे पर 'वन स्टेशन-वन प्रोडक्ट' स्टॉल बंद
जमुई और झाझा रेलवे स्टेशनों पर 'वन स्टेशन-वन प्रोडक्ट' स्टॉल बंद पड़े हैं, जिससे प्रधानमंत्री मोदी की स्वदेशी अपनाने की पहल फीकी पड़ रही है। ...और पढ़ें
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संवाद सूत्र, बरहट (जमुई)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वदेशी अपनाने की पहल का असर जमुई और झाझा रेलवे स्टेशन पर अब फीका पड़ता दिख रहा है। ‘वन स्टेशन-वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत बनाए गए स्टाल इन दिनों वीरान पड़े हुए हैं।
न तो यहां कोई कर्मचारी नजर आ रहा है और न ही किसी प्रकार का सामान उपलब्ध है। स्टेशन पर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मधुबनी प्रिंट की चादर, सिल्क, खादी सहित विभिन्न स्वदेशी वस्त्रों की बिक्री के लिए स्टाल खोले गए थे।
शुरुआती दिनों में यात्रियों ने इसका लाभ भी उठाया, लेकिन कुछ ही महीनों में स्टाल की स्थिति खराब हो गई और अब यह पूरी तरह बंद पड़ा है। वर्तमान में काउंटर पर गंदगी का अंबार है और यह केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गया है। आम लोग इसे देखकर तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं।
बताया जाता है कि यह योजना ‘वोकल फोर लोकल’ और आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत वर्ष 2022 में शुरू की गई थी। वर्ष 2024 में जमुई और झाझा स्टेशन पर इसे लागू किया गया था, ताकि स्थानीय कारीगरों और छोटे उत्पादकों को रोजगार के अवसर मिल सकें। हालांकि, निविदा अवधि समाप्त होने के बाद अब तक नई निविदा नहीं होने के कारण यह स्टाल बंद पड़ा है।
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छह माह की निविदा अवधि समाप्त होने के बाद संवेदक ने स्टाल विभाग को सौंप दिया था। नई निविदा नहीं होने के कारण काउंटर बंद है। प्रक्रिया जारी है।
नीतीश कुमार, स्टेशन प्रबंधक, जमुई