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    पर्यटकों को लुभा रहे कैमूर के झरने-पहाड़: पिकनिक स्पॉट्स पर बढ़ रही सैलानियों की संख्या, राजस्व में हुई बढ़ोतरी

    Updated: Fri, 10 Apr 2026 02:54 PM (IST)

    कैमूर पहाड़ी क्षेत्र में पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है, जिससे वन विभाग की राजस्व वसूली में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में पर ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, भभुआ। कैमूर पहाड़ी क्षेत्र स्थित वन प्रमंडल भभुआ इन दिनों पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है । प्राकृतिक सौंदर्य, झरने, पहाड़ और ऐतिहासिक स्थल यहां आने वाले पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। इसका सकारात्मक असर अब राजस्व वसूली में भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।

    वन विभाग द्वारा पिकनिक स्पाटों से होने वाली आय में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। खासकर छुट्टियों व त्योहारों के दौरान यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। पर्यटकों से मिलने वाले प्रवेश शुल्क, पार्किंग शुल्क और अन्य सेवाओं के माध्यम से वन विभाग की आय में वृद्धि हुई है।

    बीते दो वित्तीय वर्ष में पर्यटकों की वृद्धि होने से राजस्व प्राप्ति का ग्राफ भी बढ़ा है। जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में पिकनिक स्पाटों पर कुल 585710 पर्यटक आए। जिनसे 13393275 रुपये राजस्व की प्राप्ति हुई। जबकि 2025-26 में 603940 पर्यटक आए। जिनसे 200 42683 रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई।

    लगातार पर्यटकों की बढ़ रही संख्या को देखते हुए वन विभाग द्वारा पिकनिक स्पाटों पर बुनियादी सुविधाओं को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। सड़कों की स्थिति सुधारने, पेयजल की व्यवस्था, शौचालय निर्माण, बैठने की सुविधा और साफ-सफाई जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

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    इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि पर्यटकों को सुरक्षित और सहज अनुभव मिल सके जहां कैमूर पहाड़ी पर स्थित पर्यटक स्थलों के साथ-साथ जिला मुख्यालय शहर में स्थित सिटी पार्क भी राजस्व मुहैया करने में एक अहम रोल अदा कर रहा है।

    यह पार्क कृत्रिम सुंदरता से परिपूर्ण है। साथ ही पिकनिक स्पाटों में करकटगढ़ इको पार्क, करमचट डैम, सिटी पार्क, मां मुंडेश्वरी इको पार्क, तेल्हाड़ कुंड जैसे पिकनिक स्पाटों से राजस्व की लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

    कैमूर पहाड़ी पर बढ़ाया जा रहा है पर्यटन क्षेत्र

    कैमूर पहाड़ी पर स्थित प्राकृतिक मनमोहक दृश्य को देखने के लिए पर्यटक लगातार तो पहुंच ही रहे हैं इसी संदर्भ में विभाग के द्वारा वन सफारी का भी शुरूआत की गई है। कैमूर में वन सफारी की शुरुआत हो जाने से अब लोगों को अपने जिले से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

    पर्यटक अपने सपरिवार बच्चों के साथ छुट्टी या अन्य दिनों में अपने पूरे परिवार के साथ वन सफारी का लुफ्त उठा सकते हैं और प्राकृतिक सुंदरता को निहार कर आनंदित हो सकते हैं।

    पर्यटक स्थलों से राजस्व की हुई प्राप्ति

    वित्तीय वर्ष 2024- 25 में करकटगढ़ इको पार्क में 26000 पर्यटक पहुंचे थे, जिनसे 213000 रूपये राजस्व की प्राप्ति हुई। करमचट डैम में 149832 पर्यटक पहुंचे, जिनसे 6811090 रुपये की राजस्व की प्राप्ति हुई। मुंडेश्वरी इको पार्क में 301925 पर्यटक पहुंचे। जिनसे 5276420 रुपये राजस्व की प्राप्ति हुई। तेल्हाड़ कुंड में 12253 पर्यटक पहुंचे। जिनसे 222770 रूपये राजस्व की प्राप्ति हुई।

    भभुआ सिटी पार्क में 95700 पर्यटक पहुंचे। जिनसे 869995 रूपये राजसव की प्राप्ति हुई। जबकि वित्तीय वर्ष 2025 -26 में करकटगढ़ इको पार्क में 32644 पर्यटक पहुंचे। जिससे 602030 रुपये की राजस्व की प्राप्ति हुई। करमचट डैम में 108304 पर्यटक पहुंचे जिनसे 10948878 रूपये राजस्व की प्राप्ति हुई।

    मां मुंडेश्वरी इको पार्क में 342426 पर्यटक पहुंचे जिनसे 6666665 रूपये राजस्व की प्राप्ति हुई। तेल्हाड़ कुंड में 46749 पर्यटक पहुंचे। जिनसे 1104120 रूपये राजस्व की प्राप्ति हुई तो वहीं सिटी पार्क भभुआ में 73817 पर्यटक पहुंचे। जिनसे 720990 रूपये राजस्व की प्राप्ति हुई।

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    जिले के पिकनिक स्पाटों पर पर्यटकीय सुविधाओं को बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। सभी पिकनिक स्पाटों पर अब आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो रही है। आने वाले लोगों को हर सुविधाएं मिल रही हैं। योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन कर पिकनिक स्पाटों को और आकर्षित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

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    संजीव रंजन, डीएफओ