कटिहार की स्कूल में 'वंदे मातरम' गीत का विरोध, 2 शिक्षकों की हरकत पर जमकर हुआ बवाल
बिहार सरकार द्वारा शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रीय गीत अनिवार्य करने के बाद, कटिहार के बरारी प्रखंड के एक विद्यालय में 'वंदे मातरम्' गायन को लेकर विव ...और पढ़ें

मौलानाचक का स्कूल। फोटो जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, बरारी (कटिहार)। बिहार की सरकार द्वारा राष्ट्रीयता की भावना, अस्मिता और गौरव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान के गायन को अनिवार्य किया गया है। इसी क्रम में बरारी प्रखंड के एक विद्यालय में शनिवार को राष्ट्रीय गीत के गायन को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया।
मामला उच्च माध्यमिक सह उत्क्रमित मध्य विद्यालय मौलनाचक, गुरमेला का है। जानकारी के अनुसार विद्यालय सत्र की शुरुआत में जब राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन कराया जा रहा था, तभी दो शिक्षक मो. फरहन अंजूम एवं मो. अबू तालिब ने इस पर विरोध जताया।
प्रधानाध्यापक एवं अन्य शिक्षकों द्वारा इसे सरकार की गाइडलाइन बताते हुए समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन विरोध कर रहे शिक्षकों ने विद्यालय के शासी निकाय के अध्यक्ष सह वार्ड सदस्य मो. अनारूल को मौके पर समर्थन में बुला लिया।
इसके बाद कुछ समय के लिए विद्यालय परिसर में समर्थन और विरोध को लेकर शिक्षक दो गुटों में बंट गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
कारण बताओ नोटिस
अंततः विद्यालय सत्र के समाप्ति के उपरांत कुछ गणमान्य ग्रामीणों के साथ विद्यालय के शिक्षक प्रखंड संसाधन केंद्र बरारी पहुंचे और प्रभारी बीईओ राजकुमार सिंह से इसकी शिकायत की।
प्रभारी बीईओ ने मामले को गंभीर अनुशासनहीनता बताते हुए दोनों शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है तथा दो दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है। उन्होंने चेतावनी दिया कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर दोनों शिक्षको सहित विद्यालय के शासी निकाय के अध्यक्ष पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खबरें और भी
इधर, इस घटना के बाद विद्यालय के शैक्षणिक माहौल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। साथ ही राष्ट्रीय गीत के विरोध को लेकर ग्रामीणों में भी नाराजगी देखी जा रही है, फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।