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    किशनगंज के आलुआबाड़ी से सिलीगुड़ी रेल लाइन का होगा दोहरीकरण, जमीन अधिग्रहण की तैयारी शुरू

    Updated: Wed, 03 Jun 2026 06:30 PM (IST)

    पोठिया (किशनगंज) में आलुआबाड़ी रोड से सिलीगुड़ी तक रेल लाइन दोहरीकरण के लिए मापी कार्य शुरू हो गया है। ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक तस्वीर (AI Generated Image)

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    संवाद सूत्र, पोठिया (किशनगंज)। आलुआबाड़ी रोड से सिलीगुड़ी तक रेल लाइन के दोहरीकरण कार्य को लेकर विभागीय कर्मियों द्वारा इसकी मापी शुरू कर दी गई है।

    पोठिया रेलवे स्टेशन, रेलवे क्वार्टर, चौक सहित आसपास के जगह जहां भी आवासीय घर बना हुआ है उन तमाम स्थानों पर मापी कर कितनी भूमि जरूरत है इसकी पैमाइश की गई। वर्तमान में बने रेलवे पटरी के पश्चिम तरफ समानांतर दोहरीकरण कार्य होगा।

    इसके जद में रेलवे क्वार्टर,रेलवे काली मंदिर सहित अन्य कुछ मकान भी आ रहा हैं। रेलवे क्वार्टर जहां रेलवे की अपनी आवासीय मकान है वहीं दूसरे आमजन के जो आवासीय मकान या कंस्ट्रक्शन सामने भी आ रहा है।

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार पैमाइश के पश्चात एक सीमा रेखा तय की। मौके पर रेलवे के अधिकारियों ने जानकारी दी की रेलवे दोहरीकरण कार्य को लेकर रेलवे अपनी जमीन के अलावा निजी जमीन भी अधिग्रहित करेगी और इसमें यदि कोई कंस्ट्रक्शन अथवा निर्माण कार्य किया हुआ है तो नियम अनुसार उसे उसकी भरपाई कर रेलवे अधिग्रहित करेगी, ताकि भविष्य में रेलवे दोहरीकारण कार्य के बाद बिजली का खंभे इलेक्ट्रिक लाइन बिछाने का काम व पोठिया रेलवे स्टेशन विस्तार होने पर जमीन उपलब्ध रहे।

    यहां बताना जरूरी है की आलुआबाड़ी रोड से सिलीगुड़ी तक रेलवे दोहरीकरण कार्य में पोठिया आलुआबाड़ी रोड स्टेशन के कुछ फ्लांग बाद ही शुरू हो जाती है। इसके बाद पोठिया तथा तैयबपुर हाल्ट रेलवे स्टेशन आता है। जबकि पूर्णरूपेण स्टेशन ठाकुरगंज है जो तैयबपुर के बाद है।

    इसमें तकरीबन 15 किलोमीटर का क्षेत्र पोठिया व तैयबपुर पोठिया अंचल में पड़ता है और इस 15 किलोमीटर क्षेत्र में सबसे कम जगह पोठिया हाल्ट रेलवे स्टेशन और चौक के बीच ही है। रेलवे की तंग जमीन भी यही है।

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    फलस्वरूप जमीन अधिग्रहण की अधिक संभावना भी यहीं पर बनी हुई है। इसके अलावा पोठिया का अन्य क्षेत्र लगभग खुला हुआ क्षेत्र है। जहां रेलवे की अपनी जमीन है या फिर निजी खेतिहर जमीन। आम लोगों का आवासीय मकान बना होने की स्थिति अन्य जगहों पर नहीं है।

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