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    मधुबनी रोड प्रोजेक्ट: जमीन के बदले जमीन फॉर्मूले से दूर होगी NOC की बाधा, 15 दिनों में मिलेगी मंजूरी

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 02:51 PM (IST)

    मधुबनी की करोड़ों की सड़क परियोजनाएं वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र न मिलने के कारण वर्षों से अधर में लटकी हैं। ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, मधुबनी। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बदहाल सड़कों, रोजाना लगने वाले जाम और अधूरी परियोजनाओं से जूझ रहे मधुबनी के लोगों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) नहीं मिलने के कारण जिले की करोड़ों रुपये की सड़क परियोजनाएं वर्षों से अधर में लटकी हुई हैं। इससे सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्य प्रभावित है।

    इस बीच राज्य सरकार के पथ निर्माण विभाग ने वन भूमि के बदले समतुल्य गैर-वन भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश जारी किया है। माना जा रहा है कि इस पहल से मधुबनी की लंबित सड़क परियोजनाओं का रास्ता साफ हो सकता है।

    पथ निर्माण विभाग की ओर से जारी पत्र में मुख्य अभियंताओं, बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को निर्देश दिया गया है कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा संबंधित जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर गैर-वन भूमि का सर्वेक्षण, सीमांकन, अतिक्रमण हटाने और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कराई जाएं। इसके बाद संबंधित भूमि वन विभाग को हस्तांतरित की जाएगी, जिससे वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 के तहत लंबित मामलों में मंजूरी मिल सके।

    जिले में इसका सबसे बड़ा असर मधुबनी शहर की अत्यंत व्यस्त निधि चौक से स्टेशन चौक तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना पर पड़ा है। करीब चार वर्षों से यह योजना अधूरी पड़ी है। मूल रूप से इस सड़क को 14 मीटर चौड़ा बनाया जाना था, लेकिन वन विभाग से एनओसी नहीं मिलने के कारण अब केवल सात मीटर चौड़ी सड़क का ही निर्माण कराया जा रहा है।

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    सड़क का एक हिस्सा वन विभाग की भूमि से होकर गुजरता है, जिसके कारण परियोजना अपनी मूल रूपरेखा में पूरी नहीं हो सकी। इसी प्रकार करीब 66 करोड़ रुपये की लागत वाली 16.5 किलोमीटर लंबी कमतौल-कोठी-बिस्फी-औंसी सड़क परियोजना भी वन विभाग की अनुमति के अभाव में रुकी हुई है।

    जून 2025 में इस योजना का शिलान्यास किया गया था, लेकिन बिस्फी से औंसी तक लगभग 9.6 किलोमीटर हिस्सा अधिसूचित वन क्षेत्र में आने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। वन विभाग की स्वीकृति नहीं मिलने से करोड़ों रुपये की यह परियोजना फाइलों में अटकी हुई है।

    राज्य सरकार के ताजा निर्देश के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि वन भूमि के बदले गैर-वन भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी होने पर मधुबनी की दोनों प्रमुख सड़क परियोजनाओं को जल्द वन विभाग की मंजूरी मिल सकेगी और वर्षों से रुके निर्माण कार्य में तेजी आएगी।

    जिला वन पदाधिकारी भास्कर भारती ने बताया कि जिले की दो सड़क परियोजनाओं की एनओसी लंबित है। दोनों मामलों की जांच पूरी हो चुकी है। पथ निर्माण विभाग यदि वन भूमि के बदले वैकल्पिक भूमि उपलब्ध करा देता है तो लगभग 15 दिनों के भीतर एनओसी जारी कर दी जाएगी।

    पथ निर्माण विभाग के सहायक अभियंता राणा ब्रजेश ने बताया कि निधि चौक से स्टेशन चौक तक सड़क चौड़ीकरण के लिए वन विभाग से एनओसी नहीं मिली है। विभाग द्वारा इसके बदले बांका जिले में गैर-वन भूमि उपलब्ध करा दी गई है। शेष औपचारिकताएं पूरी होते ही परियोजना को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

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