मुंगेर के गंगटा जंगल में तेंदुए की हलचल से दहशत में गांव के लोग, अलर्ट पर वन विभाग
मुंगेर-जमुई सीमा पर स्थित गंगटा जंगल में एक तेंदुए की मौजूदगी ने आसपास के गांवों में दहशत फैला दी है। ...और पढ़ें

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
गंगटा जंगल में चीते की मौजूदगी से ग्रामीणों में भय।
चीता गांवों के करीब खेतों और रास्तों पर दिख रहा।
वन विभाग अलर्ट पर, लोगों से सतर्क रहने की अपील।
राम प्रवेश सिंह, हवेली खड़गपुर (मुंगेर)। मुंगेर-जमुई जिला के सीमाववर्ती के गंगटा जंगल में इन दिनों एक खूंखार मेहमान की मौजूदगी ने गांवों की नींद उड़ा दी है।
घने जंगल और पहाड़ी इलाके के बीच अब तेंदुए की दस्तक खुलेआम महसूस की जा रही है। सुबह की धुंध हो या शाम का सन्नाटा, ग्रामीणों का दावा है कि तेंदुए जंगल छोड़ गांवों के करीब तक पहुंच रहा है।
खेतों की मेड़, पहाड़ी रास्ते और जंगल किनारे उसकी हलचल देखे जाने की चर्चा पूरे इलाके में आग की तरह फैल चुकी है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अब तक किसी ग्रामीण, बच्चे या मवेशी पर हमले की कोई घटना सामने नहीं आई है।
लेकिन, डर ऐसा कि शाम ढलते ही गांवों में सन्नाटा पसरने लगा है। लोग बच्चों को घर से बाहर अकेले नहीं निकलने दे रहे और पशुपालक मवेशियों को घरों के आसपास ही बांध रहे हैं।
जंगल से गांव तक बढ़ी तेंदुए की दस्तक
कुछ दिन पहले गंगटा जंगल जमुई-मुंगेर जिला से सटे इलाके में ग्रामीणों ने तेंदुए जैसे जंगली जानवर को देखा। देखते ही देखते यह खबर आसपास के गांवों में फैल गई।

गंगटा जंगल।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी जंगल में जंगली जानवरों की हलचल होती रही है, लेकिन इस बार मामला अलग है। लोगों के अनुसार तेंदुए अब जंगल तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि आबादी वाले इलाकों के करीब तक पहुंच रहा है।
यही वजह है कि ग्रामीणों में भय का माहौल लगातार बढ़ रहा है। कई लोग सुबह और शाम खेतों की ओर जाने से भी बच रहे हैं।
गर्मी में पानी और भोजन की तलाश
वन्यजीव विशेषज्ञ की मानें तो गर्मी बढ़ने के साथ जंगलों में पानी और भोजन की कमी हो जाती है। ऐसे में जंगली जानवर अक्सर आबादी वाले इलाकों की ओर रुख कर लेते हैं।
खबरें और भी
माना जा रहा है कि गंगटा जंगल में दिख रहा तेंदुए भी भोजन और पानी की तलाश में बाहर निकल रहा है। हालांकि, अब तक किसी हमले की घटना नहीं होना राहत की बात मानी जा रही है।
इसके बावजूद लोग हर पल आशंका में जी रहे हैं। गांवों में बच्चों और महिलाओं को अकेले जंगल किनारे नहीं जाने की सलाह दी जा रही है।
वन विभाग अलर्ट, सतर्क रहने की अपील
क्षेत्रीय वन पदाधिकारी राबिन आनंद ने बताया कि गंगटा जंगल में दो से तीन तेंदुए की मौजूदगी की सूचना है, लेकिन अब तक किसी हमले या शिकार की घटना सामने नहीं आई है।
उन्होंने कहा कि संभवतः पानी और भोजन की तलाश में तेंदुए सहित अन्य जंगली जानवर आबादी वाले इलाकों के करीब पहुंच रहे हैं। वन विभाग की टीम लगातार जंगल और गांवों के आसपास गश्त कर रही है।
संभावित स्थानों पर निगरानी रखी जा रही है। वन विभाग ने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की है। साथ ही कहा गया है कि तेंदुए दिखने पर भीड़ न लगाएं और तुरंत विभाग को सूचना दें।
यह भी पढ़ें- भीषण गर्मी में गायों को खिलाएं तरबूज और खीरा; बढ़ते पारे से हो रही हैं डिहाइड्रेशन का शिकार
यह भी पढ़ें- शादी के बीच मंडप पर पहुंच जीजा ने कर दिया बड़ा कांड; देखता रह गया दूल्हा, बिहार में हैरान करने वाली घटना