रूस से आकर बिहार की राजनीति में एंट्री, विवादों से पुराना नाता; हर्ष फायरिंग में जेल जाने वाले पहले MLA बने राजू
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने साहेबगंज विधायक राजू सिंह को हर्ष फायरिंग मामले में चार साल की सजा सुनाई है। दो साल से अधिक की सजा होने के कारण उनकी व ...और पढ़ें
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बीजेपी विधायक राजू सिंह। फाइल फोटो

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जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। बिहार के चर्चित विधायकों में डॉ. राजू कुमार सिंह शामिल रहे। रूस से यहां आकर राजनीति शुरू की तो उनका संघर्ष राजद के नेताओं से हुआ। कहा जाता है कि 1990 के दशक में कुछ नेताओं के अत्याचार के विरोध में वह खड़े हुए। इससे उन्हें जनता का समर्थन मिला, साथ ही छवि भी दबंग की बनी।
राजू सिंह अक्सर विवाद में बने रहे। पिछले वर्ष मंत्री बनने के बाद भी राजद नेता तुलसी राय ने उनपर मारपीट का आरोप लगाया था। वहीं, अंचल के सीओ ने भी उनपर मारपीट का आरोप लगाया था।
मंत्री बनने के बाद ये मामले आए थे। उनकी लोकप्रियता का आलम यह रहा कि वह मात्र एक चुनाव हारे। लोजपा से फरवरी 2005 में शुरू हुआ उनका विजयी सफर तब रुका, जब जदयू एनडीए से अलग हो गया। वर्ष 2015 में विधानसभा चुनाव वह हारे। इसके बाद फिर लगातार दो बार विजयी हुए। पांच बार साहेबगंज विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया।
हर्ष फायरिंग में पहली बार गई किसी की विधायकी
विधायक या सांसद रहते हुए कई नेताओं को कोर्ट ने आपराधिक मामलों में दोषी पाया और सजा भी सुनाई। इससे उनकी सदस्यता भी समाप्त हुई। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की सबसे पहले सदस्यता गई थी।
साहेबगंज विधायक राजू सिंह की सदस्यता भी अब समाप्त हो जाएगी। दिल्ली की राउज एवेन्यू एमपी, एमएलए कोर्ट ने शनिवार को चार वर्ष की सजा सुनाई है। हर्ष फायरिंग में किसी विधायक को सजा होने का यह पहला मामला है।
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दो वर्ष से अधिक सजा होने की स्थिति में उनकी सदस्यता समाप्त हो जाएगी। इस स्थिति में हर्ष फायरिंग में किसी विधायक या सांसद की सदस्यता जाने का पहला मामला होगा।
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