सावधान! मुजप्फरपुर-हाजीपुर रूट पर बदमाशों का आतंक, चलती ट्रेन में यात्रियों पर हमला कर हो रही लूटपाट
मुजफ्फरपुर-हाजीपुर रेलखंड पर चलती ट्रेनों में बदमाश यात्रियों को निशाना बना रहे हैं, मोबाइल और अन्य सामान छीनने के लिए हमला कर रहे हैं। पुलिस और जीआरप ...और पढ़ें

एआई से बनी सांकेतिक तस्वीर
HighLights
मुजफ्फरपुर-हाजीपुर रेलखंड पर चलती ट्रेनों में बढ़ रहा अपराध।
बदमाश यात्रियों पर हमला कर मोबाइल, सामान छीन रहे हैं।
पुलिस और जीआरपी की निष्क्रियता पर उठे गंभीर सवाल।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर जंक्शन से हाजीपुर रेलखंड पर रामदयालु, मोतिहारी, सीतामढ़ी रेलखंडपर कपरपुरा रेलवे स्टेशन तक इन दिनों बदमाशों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है।
रेल लाइन किनारे सक्रिय बदमाश चलती ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों को निशाना बना रहे हैं। विरोध करने या सतर्क रहने पर यात्रियों पर लाठी-डंडों से हमला कर उन्हें घायल किया जा रहा है।
इसके बावजूद स्थानीय थाना की पुलिस और जीआरपी की सक्रियता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस रेलखंड पर लगभग प्रतिदिन किसी न किसी ट्रेन में आपराधिक घटना सामने आ रही है।
बदमाश खिड़की के पास बैठे यात्रियों पर हमला कर मोबाइल, बैग और अन्य सामान छीनने की कोशिश करते हैं। कई मामलों में यात्री गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।
एक यात्री की मौत के बाद भी हौंसले बुलंद
रविवार को झपट्टामार के शिकार हुए एक यात्री की मौत हो गई। लेकिन उसके पास न जीआरपी पहुंच सकी न स्थानीय पुलिस। इसके बावजूद इलाके में न तो नियमित गश्त बढ़ाई गई है और न ही अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई होती दिख रही है।
जीआरपी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि छितनई के दौरान ट्रेन से गिरने से जिस युवक का पैर कटा। उनको खोजने के लिए पुलिस एकेएमसीएच तक गई, लेकिन वहां पर कुछ ही देर बाद दूसरे किसी अस्पताल में रेफर करा कर उनके स्वजन ले गए। इसलिए पता नहीं चल सका।
बताया जा रहा कि कई पीड़ित यात्री शिकायत दर्ज कराने से भी बचते हैं। चोरी-छिनतई की जानकारी देने पर पुलिस मोबाइल, सामन गुम होने की सनहा लिखवा लेती है जबकि कुछ मामलों में सूचना के बाद भी कार्रवाई अपेक्षित स्तर पर नहीं हो पाती।
इससे बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। इस रेलखंड पर संयुक्त अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो बड़ी घटनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता।
कई यात्रियों ने रामदयालु से कपरपुरा तक रेलवे ट्रैक के किनारे नियमित गश्त, संदिग्धों की पहचान और संयुक्त अभियान चलाने की मांग की है, ताकि इस रेलखंड पर लगातार बढ़ रहे अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
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