नेपाल में मुस्लिम आरक्षण समाप्त करने को अनशन नौवें दिन भी जारी, एमपी खुशबू ओली ने संसद में उठाया मुद्दा
Nepal Muslim Reservation Protest: नेपाल में मुस्लिम आरक्षण समाप्त करने और सुनसरी घटना में न्याय की मांग को लेकर काठमांडू में आमरण अनशन नौवें दिन भी जा ...और पढ़ें
HighLights
काठमांडू में मुस्लिम आरक्षण के खिलाफ अनशन नौवें दिन।
सांसद खुशबू ओली ने संसद में उठाया गंभीर मुद्दा।
राष्ट्रीय मधेसी आयोग ने आंदोलन को पूर्ण समर्थन दिया।
अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। Nepal Muslim Reservation Protest: नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज में हुई हिंसक घटना के विरोध में काठमांडू के माइतीघर मंडला में आमरण अनशन शुक्रवार को नौवें दिन भी जारी रहा।
राष्ट्रीय एकता दल के अध्यक्ष विनय यादव नेपाल में मुस्लिम आरक्षण खत्म करने और सुनसरी घटना में न्याय की मांग को लेकर लगातार अनशन पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों को समर्थन देने के लिए नेपाल के विभिन्न सीमावर्ती जिलों से लोग बड़ी संख्या में काठमांडू पहुंच रहे हैं।
राष्ट्रीय मधेसी आयोग का समर्थन
अनशन स्थल पर पहुंचे राष्ट्रीय मधेसी आयोग के अध्यक्ष विनय दत्त ने आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार को आंदोलनकारियों द्वारा उठाए गए गंभीर मुद्दों को अविलंब संज्ञान में लेते हुए सकारात्मक कदम उठाने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सुनसरी घटना की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की पुरजोर मांग की।

संसद में गूंजा अनशन का मुद्दा
राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी की सांसद खुशबू ओली ने प्रतिनिधि सभा में इस आमरण अनशन के विषय को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि आंदोलनकारियों की जायज मांगों के प्रति संवेदनशील रुख अपनाते हुए तत्काल वार्ता शुरू की जाए। संवाद के माध्यम से ही इस बढ़ते तनाव और गतिरोध का स्थाई समाधान निकाला जा सकता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर चिंता
आयोग के अध्यक्ष विनय दत्त ने नेपाल में बढ़ रही अवैध आर्थिक गतिविधियों और घुसपैठ को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमा पार से होने वाली गैरकानूनी गतिविधियां और अवैध अप्रवासन नेपाल की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। सरकार को इन संवेदनशील विषयों पर तथ्यों पर आधारित कड़े कदम उठाने की सख्त जरूरत है।
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मांगे पूरी होने तक आंदोलन
फिलहाल सरकार की ओर से संसद में उठे सवालों या आंदोलनकारियों की मांगों पर कोई औपचारिक आधिकारिक बयान नहीं आया है।
प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक सुनसरी कांड के दोषियों पर कार्रवाई और आरक्षण संबंधी मांगें नहीं मानी जातीं तब तक अनशन जारी रहेगा। रौतहट, सिराहा, धनुषा और सप्तरी समेत कई जिलों से आए लोग लगातार अनशन स्थल पर डटे हुए हैं।