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    नालंदा में बिहार बंद का मिलाजुला असर: छात्रों ने किया प्रदर्शन, भारी पुलिस बल तैनात

    Updated: Sat, 25 Jul 2026 03:12 PM (IST)

    छात्र संगठनों ने बिहारशरीफ में कथित पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्ती ...और पढ़ें

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    1. छात्रों ने बिहारशरीफ में पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन किया।

    2. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई।

    3. नालंदा में बिहार बंद का असर सीमित रहा।

    जागरण संवाददाता, बिहारशरीफ। देशभर में लगातार हो रहे कथित पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में शनिवार को बिहारशरीफ में छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया।

    ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के संयुक्त आह्वान पर आयोजित बिहार बंद के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

    प्रदर्शन का नेतृत्व इंकलाबी नौजवान सभा के नालंदा जिला अध्यक्ष वीरेश कुमार ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में 100 से अधिक परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी नहीं बना सकती तो शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए।

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    प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर और पटना में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का भी विरोध किया। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि परीक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों पर बल प्रयोग कर उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।

    छात्र संगठनों ने चेतावनी दी कि यह आंदोलन केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। उनका कहना था कि जब तक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती और उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

    नालंदा में बंद का असर रहा सीमित

    हालांकि, बिहार बंद का असर नालंदा जिले में सीमित रहा। शहर के अधिकांश बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले रहे और जनजीवन पर खास प्रभाव नहीं पड़ा। एहतियात के तौर पर कई निजी एवं सरकारी विद्यालय बंद रखे गए। हाल में दर्ज 500 अज्ञात लोगों पर एफआईआर के बाद आंदोलन की तीव्रता भी अपेक्षाकृत कम देखने को मिली।

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    88 स्थानों पर दंडाधिकारी व पुलिस बल तैनात

    संभावित विधि-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। संयुक्त आदेश के तहत शहर के 88 संवेदनशील एवं प्रमुख स्थानों पर दंडाधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। डीएम आवास, सदर अस्पताल गेट, कलेक्ट्रेट, टावर मोड़, रामचंद्रपुर बस स्टैंड, अंबेर चौक, भैंसासुर मोड़, सोगरा कॉलेज मोड़, करगिल बस स्टैंड, पुलपर, भरावपर, कमरूद्दीनगंज, सोहडीह मैदान और सुभाष पार्क सहित कई प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।

    इसके अलावा शहर में 40 से अधिक स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई तथा विशेष वाहन गश्ती दल को भी तैनात रखा गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

    प्रशासन ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

    डीएम उदिता सिंह और एसपी भारत सोनी ने संयुक्त रूप से कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों और उपद्रव फैलाने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में शांति एवं सामान्य जनजीवन बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

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