बांकीपुर उपचुनाव: 30 साल से यहां भाजपा का कब्जा, क्या PK और तेज प्रताप कर पाएंगे कोई करिश्मा?
बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को उपचुनाव होगा, जो पिछले 30 साल से भाजपा का मजबूत गढ़ रहा है। नितिन नवीन के राज्यसभा जाने से रिक्त हुई इस सीट पर वि ...और पढ़ें

प्रशांत किशोर और तेज प्रताप यादव।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, पटना। बांकीपुर की गिनती बिहार में भाजपा के सर्वाधिक मजबूत क्षेत्रों में होती है। अब तक के चुनाव में उसे हर बार भारी मतों के अंतर से जीत मिलती रही है।
जीत के साथ मतों के अंतर को बरकरार रखने के लिए भाजपा अंदरखाने तैयारी के साथ वैसे दमदार अभ्यर्थी का आकलन कर रही, जो शत प्रतिशत शहरी मतदाताओं वली इस सीट के सामाजिक समीकरण को साधने के साथ जन-अपेक्षाओं पर भी खरा उतर सके।
बेरोजगारी-महंगाई आदि के हवाले से विपक्षी खेमा भी भाजपा के इस मजबूत गढ़ में इस बार सेंध लगाने की जुगत में है, लेकिन विपक्ष की प्रारंभिक तैयारी बिखरी हुई प्रतीत हो रही।
लगातार दो चुनाव में पराजय के बाद कांग्रेस ने यह सीट 2025 में राजद को सौंप दी थी। ये दोनों महागठबंधन के सबसे बड़े घटक हैं, लेकिन अंदरुनी खटपट के साथ।
इस बीच सबसे पहले तेजप्रताप यादव ने अपने जनशक्ति जनता दल से वीणा मानवी को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। विधानसभा चुनाव की तरह इसे भी तेजप्रताप का राजनीतिक पैंतरा ही माना जा रहा है। बहरहाल इस सीट के लिए सबसे अधिक खम जन सुराज पार्टी ठोक रही है, जो पिछली बार यहां जमानत गंवा चुकी है।
2025 का परिणाम:
भाजपा के नितिन जितने मतों के अंतर 51936 से जीते थे, मुख्य प्रतिद्वंद्वी रहीं राजद की रेखा कुमारी को उससे कम ही मत मिले थे। नितिन को 98299 मत मिले थे, जबकि रेखा को 46363 मत।
तीसरे स्थान पर रही जन सुराज पार्टी की वंदना कुमारी को 7717 वोट मिले थे। इनके अतिरिक्त शेष सात प्रत्याशी एक प्रतिशत वोट भी नहीं जुटा पाए थे। जन सुराज सहित उन सभी की जमानत जब्त हो गई थी।
कम मतदान का रिकॉर्ड:
बांकीपुर बिहार के उन विधानसभा क्षेत्रों में से एक है, जहां मतदान अपेक्षा से काफी कम होता है। निर्वाचन आयोग के अथक प्रयास के बावजूद 2025 में यहां मात्र 41.1 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। कुल 378268 निर्वाचकों में से मात्र 155421 ने ही मतदान किया था। 1464 वोट नोटा को गए थे।
सीट-जीत का इतिहास: 2005 तक यह सीट पटना (पश्चिमी) के नाम से जानी जाती थी। नितिन से पहले यह सीट उनके पिता नवीन किशोर के पास हुआ करती थी। 1995 से 2005 तक वे निर्बाध विजयी रहे। उनके निधन के बाद 2006 में उपचुनाव हुआ और पहली ही बाजी में नितिन विधानसभा पहुंच गए।
खबरें और भी
| चुनावी वर्ष | भाजपा को प्राप्त मत | जीत-हार के मतों का अंतर |
|---|---|---|
| 2010 | 72.1% | ±55.7% |
| 2015 | 60.6% | ±27.8% |
| 2020 | 59.6% | ±28.0% |
| 2025 | 63.2% | ±33.4% |
नितिन नवीन के त्यागपत्र से रिक्त बांकीपुर में 30 को पड़ेंगे वोट
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के त्यागपत्र से रिक्त हुई बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा। चुनाव परिणाम की घोषणा तीन अगस्त को होगी। बुधवार को भारत निर्वाचन आयोग ने देश मेंं तीन विधानसभा क्षेत्रों के लिए उपचुनाव के कार्यक्रम की घोषणा की। उनमें एक बांकीपुर भी है।
नितिन यहां से लगातार पांच बार विधायक रहे हैं। भाजपा की कमान संभालने के बाद वे राज्यसभा चले गए हैं। उसके बाद विधानसभा में बांकीपुर का कोई प्रतिनिधि नहीं रह गया था। बहरहाल, उपचुनाव के लिए छह जुलाई (सोमवार) को अधिसूचना जारी होगी। उसी के साथ आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी।
चार अगस्त तक चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जानी है। 13 जुलाई नामांकन की अंतिम तिथि है और 16 जुलाई नाम वापसी की। अब तक एकमात्र जनशक्ति जनता दल ने प्रत्याशी की घोषणा की है। इस सीट के लिए आमने-सामने के दोनों मुख्य प्रतिद्वंद्वी (एनडीए और महागठबंधन) का चेहरा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।
| कार्यक्रम (Event) | तिथि और दिन (Date & Day) |
|---|---|
| अधिसूचना की तिथि | 06 जुलाई (सोमवार) |
| नामांकन की अंतिम तिथि | 13 जुलाई (सोमवार) |
| नामांकन-पत्रों की जांच | 14 जुलाई (मंगलवार) |
| नाम वापसी की अंतिम तिथि | 16 जुलाई (गुरुवार) |
| मतदान | 30 जुलाई (गुरुवार) |
| मतगणना | 03 अगस्त (सोमवार) |
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