बांकीपुर उपचुनाव: पहले उम्मीदवार बदला, अब बायोडाटा विवाद; नामांकन से पहले BJP पर विपक्ष का हमला
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन के अंतिम दिन भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा के नामांकन से पहले पार्टी दो विवादों में घिर गई है। पहले उम्मी ...और पढ़ें

प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद सीएम से मिलने पहुंचे थे नीरज। फाइल
HighLights
भाजपा ने बांकीपुर उपचुनाव में उम्मीदवार बदलकर विवादों को जन्म दिया।
नए प्रत्याशी नीरज सिन्हा के बायोडाटा में जन्मतिथि पर सवाल।
विपक्ष ने भाजपा पर तथ्यों में फेरबदल का आरोप लगाया।
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार की सबसे चर्चित और हाईप्रोफाइल मानी जा रही बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए रविवार (13 जुलाई) को नामांकन का अंतिम दिन है।
भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा और जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर आज अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
हालांकि, नामांकन से ठीक पहले भाजपा लगातार दो विवादों के कारण विपक्ष के निशाने पर है। पहले पार्टी को अपना उम्मीदवार बदलना पड़ा और फिर नए प्रत्याशी के बायोडाटा में संशोधन करना पड़ा।
(नीरज कुमार सिन्हा का पहले और बाद का बायोडाटा।)
पहले उम्मीदवार बदलने से घिरी भाजपा
भाजपा का मजबूत गढ़ माने जाने वाली सीट के लिए शुरुआत में बांकीपुर सीट से अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी को उम्मीदवार घोषित किया था।
लेकिन नामांकन से पहले उन्होंने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की घोषणा कर दी। इसके बाद पार्टी ने उनकी जगह नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतार दिया।
हालांकि, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा रही कि अभिषेक बंटी की उम्मीदवारी वापस लेने के पीछे उनके पिता रविंद्र प्रसाद का नाम बहुचर्चित करोड़ों रुपये के चारा घोटाले से जुड़ा होना प्रमुख कारण था।
हालांकि, रविंद्र प्रसाद ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उनके बेटे ने माता-पिता के सम्मान की रक्षा के लिए चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया।
अब बायोडाटा को लेकर नया विवाद
उम्मीदवार बदलने का विवाद अभी पूरी तरह थमा भी नहीं था कि भाजपा को दूसरे विवाद का सामना करना पड़ा। नए प्रत्याशी नीरज के बायोडाटा में दर्ज जानकारी को लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े कर दिए।
पहले जारी बायोडाटा में नीरज कुमार सिन्हा की जन्मतिथि 3 जुलाई 1994 दर्ज थी। वहीं, उसी बायोडाटा में यह भी उल्लेख था कि उन्होंने वर्ष 2006 में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की थी।
इस आधार पर विपक्ष ने सवाल उठाया कि यदि जन्मतिथि सही है तो नीरज मात्र 12 वर्ष की आयु में भाजपा के प्राथमिक सदस्य कैसे बन गए। विपक्ष ने इसे नियमों के विपरीत बताते हुए भाजपा पर तथ्य छिपाने का आरोप लगाया।
विवाद बढ़ने के बाद भाजपा ने मीडिया को संशोधित बायोडाटा जारी किया, जिसमें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से संबंधित विवरण हटा दिया गया। इसके बाद विपक्ष ने भाजपा पर तथ्यों में फेरबदल करने का आरोप लगाया।
विपक्ष ने साधा निशाना
राजद के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा कि उम्मीदवार और बायोडाटा में लगातार बदलाव यह साबित करता है कि भाजपा बांकीपुर उपचुनाव को लेकर असहज और दबाव में है।
उन्होंने कहा कि यह सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुकी है क्योंकि यह सीट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद खाली हुई है।
भाजपा ने दिया जवाब
भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए पूरे विवाद को तूल न देने की बात कही है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मनोज शर्मा ने कहा कि बायोडाटा में किया गया संशोधन केवल तकनीकी विषय था और विपक्ष अनावश्यक रूप से इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है।
यह भी पढ़ें- बांकीपुर उपचुनाव: नामांकन का आज अंतिम दिन, BJP के नीरज सिन्हा और JSP प्रत्याशी प्रशांत किशोर भरेंगे पर्चा
यह भी पढ़ें- बांकीपुर उपचुनाव: 'मैदान साफ है तो दौड़कर गोल कर लें'; प्रशांत किशोर पर मंत्री श्रवण कुमार का तंज, गिरिराज भी बरसे
यह भी पढ़ें- BJP ने आखिर क्यों बदला बांकीपुर का उम्मीदवार? अभिषेक बंटी के पिता ने खोला बड़ा राज
