बांकीपुर उपचुनाव: बूथों पर लोकतंत्र की धड़कन, किसी ने विकास तो किसी ने रोजगार को बताया प्राथमिकता
पटना के अशोक राजपथ क्षेत्र में मतदान केंद्रों पर मतदाताओं में उत्साह दिखा, जहां विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता बताया गया। ...और पढ़ें

बूथों पर लोकतंत्र की धड़कन, किसी ने विकास तो किसी ने रोजगार को बताया प्राथमिकता
HighLights
अशोक राजपथ पर मतदाताओं में दिखा भारी उत्साह, विकास प्रमुख मुद्दा।
ईवीएम में खराबी के बावजूद मतदाताओं ने धैर्य से किया मतदान।
युवाओं ने रोजगार, महिलाओं ने सुरक्षा को बताया अहम चुनावी विषय।
जागरण संवाददाता, पटना। सुबह के करीब नौ बजे हैं। अशोक राजपथ से जुड़े मैनपुरा इलाके में रोज की चहल-पहल के बीच गुरुवार को माहौल कुछ अलग है। बीच सड़क से गुजरते लोगों के बीच चुनाव की चर्चा है। सड़क किनारे पुलिस की गाड़िया लगी है। पास के एक स्कूल में तथा एक माल के बाहर टेंट में मतदान चल रहा है।
पास की गलियों से निकलकर मतदाता मतदान केंद्रों की ओर बढ़ रहे हैं। कोई अकेले तो कोई परिवार के साथ वोट डालने पहुंच रहा है। चेहरे पर उत्साह है और मन में अपने क्षेत्र के विकास की उम्मीद। मैनपुरा स्थित बूथ संख्या पांच पर हालांकि, कुछ देर के लिए ईवीएम में गड़बड़ी से मतदान बाधित हुआ।
कतार में खड़े मतदाताओं को थोड़ी देर इंतजार करना पड़ा। तकनीकी समस्या दूर होने के बाद मतदान फिर शुरू हुआ। लोगों ने भी धैर्य बनाए रखा और अपनी बारी का इंतजार किया।

"हर चुनाव में वोट देने की कोशिश करता हूं"
इसी बूथ पर मतदान करने पहुंचे दिव्यांग मतदाता मुन्ना कुमार लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को लेकर काफी स्पष्ट नजर आए। उन्होंने कहा कि वह हर चुनाव में सबसे पहले मतदान करने की कोशिश करते हैं। इस बार किसी कारणवश करीब साढ़े नौ बजे मतदान केंद्र पहुंच पाए।
उनका कहना था कि राज्य और देश के विकास के लिए मतदान करना जरूरी है। मुन्ना कुमार की बातों में सिर्फ वोट देने का उत्साह नहीं था, बल्कि एक मतदाता की जिम्मेदारी का भाव भी था। उन्होंने कहा कि मतदान के दिन हर व्यक्ति को अपने जरूरी कामों के बीच समय निकालकर वोट जरूर करना चाहिए।
खबरें और भी

चकारम व राजापुर पुल के पास में धीमी रफ्तार, लेकिन कतार में डटे रहे मतदाता
चकारम के मतदान केंद्र पर मतदान की गति धीमी रही। बूथ के बाहर मतदाता अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। यहां मिले सुनैना देवी ने कहा कि मतदान में समय लग रहा है, लेकिन इससे कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने कहा, 'हम पांच साल में एक बार अपने प्रतिनिधि को चुनते हैं। इसलिए थोड़ी देर इंतजार करना कोई बड़ी बात नहीं है।'

वहीं विशाल कुमार, पहली बार मतदान करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा सबसे अहम मुद्दे हैं। उनका कहना था कि क्षेत्र में बेहतर अवसर मिलेंगे तो युवाओं को दूसरे शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
बुद्धा कॉलोनी में विकास की चर्चा, सड़क और सफाई भी मुद्दा
बुद्धा कॉलोनी स्थित मॉर्डन कांपीटिटिव हाई स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर भी मतदाताओं में उत्साह दिखा। यहां शांति देवी ने कहा कि चुनाव में सिर्फ बड़े मुद्दे ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की समस्याएं भी महत्वपूर्ण हैं। सड़क, नाली, साफ-सफाई और जलजमाव जैसी समस्याओं से लोगों को हर साल जूझना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि जो भी प्रतिनिधि चुना जाए, उसे इन बुनियादी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। एक बुजुर्ग मतदाता शंभू कर्ण ने कहा कि उन्होंने लंबे समय से चुनाव देखे हैं। हर बार लोग विकास की उम्मीद लेकर वोट देते हैं। अब जरूरत है कि चुनाव के बाद जनता की समस्याओं का समाधान भी दिखाई दे।

सब्जीबाग बूथ संख्या 80, 81 पर दोपहर एक बजे अपेक्षाकृत मतदाता कम थे। पास के दुकानदार रहमत ने बताया कि सुबह में महिलाओं की भागीदारी अच्छी नजर आई।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य और बच्चों की शिक्षा सबसे अहम विषय हैं। उन्होंने कहा कि मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए निर्णय लेने का अवसर भी है।
यह भी पढ़ें- बांकीपुर उपचुनाव: 'भाजपा नहीं, पुलिस लड़ रही इलेक्शन'...; मतदान के बीच प्रशांत किशोर का बड़ा हमला
यह भी पढ़ें- बांकीपुर उपचुनाव: 'कौन हैं प्रशांत किशोर?' रामकृपाल यादव का पीके पर तीखा हमला