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    कृषि मंत्री विजय सिन्हा के सख्त तेवर, अधिकारियों से कहा- खानापूर्ति नहीं, रिजल्ट चाहिए  

    Updated: Thu, 04 Jun 2026 01:49 AM (IST)

    कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि योजनाओं में केवल खानापूर्ति नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर परिण ...और पढ़ें

    कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा। फाइल फोटो

    कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा। फाइल फोटो

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    राज्य ब्यूरो, पटना। फसलों में ड्रोन से खाद एवं कीटनाशक छिड़काव के बाद संबंधित किसानों का वीडियो रिकार्ड तैयार किया जाएगा। सत्यापन भी कराएं। योजनाओं के क्रियान्वयन में केवल खानापूर्ति से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर पड़ताल भी होगी।

    कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभागीय समीक्षा बैठक में बुधवार को यह निर्देश अधिकारियों को दिए। मंत्री ने कार्यलाय सभागार में पौधा संरक्षण, कीट प्रबंधन, ड्रोन आधारित छिड़काव, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा प्रयोगशालाओं के संचालन एवं सुदृढ़ीकरण से संबंधित योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की।

    उन्होंने निर्देश दिया कि ड्रोन से किए जाने वाले कीटनाशी एवं तरल उर्वरक छिड़काव की नियमित जांच की जाए। इससे कीटों और पौधों पर पड़ने वाले प्रभावों का वैज्ञानिक अध्ययन करने के लिए विशेषज्ञों की टीम गठित करें।

    उन्होंने कहा कि औचक निरीक्षण के लिए वह स्वयं गांवों का दौरा करेंगे। मिट्टी जांच की प्रक्रिया, प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली तथा किसानों को मिल रहे लाभों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगे।

    अधिकारियों का ध्यान योजनाओं की कमियों की ओर आकृष्ट किया। कहा कि लाभ अधिकाधिक किसानों तक पहुंचाने तथा कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।

    मंत्री ने कीटनाशक दवा विक्रेताओं की दुकानों की ग्रेडिंग व्यवस्था विकसित करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दुकानों की गुणवत्ता, किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं तथा बिक्री के आधार पर उनका मूल्यांकन किया जाना चाहिए, जिससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण कीटनाशी दवाएं उपलब्ध हो सके।

    कृषि भूमि अतिक्रमण मुक्त होगी

    मंत्री ने कहा कि नई नर्सरियों के लिए भूमि का शीघ्र चिन्हांकन किया जाएगा। कृषि विभाग की अतिक्रमित भूमि को जिला प्रशासन के सहयोग से मुक्त कराने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विभाग से संबंधित भूमि अतिक्रमण के थानों में लंबित मामलों की सूची भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

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    उद्यान निदेशालय, फसल एवं प्रक्षेत्र, उपादान तथा माप-तौल संभागों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र के बेहतर एवं नवाचारी उद्यमियों को संरक्षण देना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

    बिहार की उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और उसे सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव प्रयास सुनिश्चित कराएं। विकास में बाधा उत्पन्न करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    कृषि उत्पादन के क्षेत्र में बिहार देश का चौथा सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है, जबकि फलों के उत्पादन में राज्य का आठवां स्थान है। उन्होंने इस उपलब्धि को और सुदृढ़ बनाने के लिए नर्सरी विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।

    उन्होंने कहा कि विलुप्ति की ओर बढ़ रही प्रसिद्ध दीघा मालदा आम की पहचान को पुनर्स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है।

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