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    बिहार के निर्माण श्रमिकों के बच्चों को मिलेगी मुफ्त कोचिंग, 12 राज्यों में खुलेंगे श्रमिक सेवा केंद्र

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 07:26 PM (GMT+05:30)

    बिहार के निर्माण श्रमिकों के बच्चों को अब जेईई, नीट और यूपीएससी जैसी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग मिलेगी। इसके साथ ही, 12 राज्यों में 'बिहार श्रमि ...और पढ़ें

    बिहार के निर्माण श्रमिकों के बच्चों को मुफ्त कोचिंग, 12 राज्यों में खुलेंगे श्रमिक सेवा केंद्र (AI Generated Image)

    बिहार के निर्माण श्रमिकों के बच्चों को मुफ्त कोचिंग, 12 राज्यों में खुलेंगे श्रमिक सेवा केंद्र (AI Generated Image)

    HighLights

    1. निर्माण श्रमिकों के बच्चों को मिलेगी निःशुल्क कोचिंग सुविधा।

    2. 12 राज्यों में स्थापित होंगे बिहार श्रमिक सेवा केंद्र।

    3. प्रवासी श्रमिकों को 24 घंटे सहायता और टोल-फ्री हेल्पलाइन।

    राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के निर्माण श्रमिकों के बच्चों को अब नि:शुल्क कोचिंग मिलेगी। वहीं, 12 राज्यों में श्रमिक सेवा केंद्र खुलेंगे। संकट में 24 घंटे सहायता मिलेगी। श्रमिकों के मेधावी बच्चों को जेईई , नीट व यूपीएससी समेत अन्य बड़ी परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी व आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

    श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने गुरुवार को इस आशय की जानकारी दी।

    श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण मंत्री ने बताया कि बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में कार्यरत प्रवासी निर्माण श्रमिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए बिहार श्रमिक सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के मेधावी बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग योजना शुरू की जाएगी।

    बड़ी संख्या में बिहार के निर्माण श्रमिक रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं, जहां उन्हें मजदूरी भुगतान में विवाद, अचानक रोजगार समाप्त होने, दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा, कानूनी सहायता और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

    इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रथम चरण में गुरुग्राम, नोएडा, मुंबई, गुवाहाटी, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, सूरत, कोयम्बटूर, चेन्नई, लुधियाना सहित देश के 12 प्रमुख औद्योगिक एवं रोजगार केंद्र पर बिहार श्रमिक सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

    इसके अतिरिक्त पटना में एक केंद्रीय समन्वय केंद्र बनाया जाएगा, जो सभी सेवा केंद्र की निगरानी और समन्वय करेगा। उन्होंने बताया कि कर्नाटक में केंद्र की स्थापना के लिए स्थान उपलब्ध करा दिया गया है तथा आवश्यक मानव संसाधन की नियुक्ति अंतिम चरण में है।

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    प्रत्येक केंद्र पर बिहार और संबंधित राज्य के दो अनुभवी सेवानिवृत्त श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी तैनात किए जाएंगे। इनके साथ वेलफेयर काउंसलर सह मोबिलाइजर और अन्य कर्मी भी कार्य करेंगे। सभी केंद्र 24 घंटे संचालित रहेंगे तथा श्रमिकों की सहायता के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन भी उपलब्ध कराई जाएगी।

    नि:शुल्क कोचिंग योजना के प्रथम चरण में लगभग 600 मेधावी विद्यार्थियों को इसका लाभ देने का प्रस्ताव है तथा चयन मेरिट एवं निर्धारित पात्रता के आधार पर किया जाएगा।

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