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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Education Department: अब मदरसों को शिक्षा विभाग ने दिया नया निर्देश, 31 अगस्त तक का मिला अल्टीमेटम

    Updated: Fri, 23 Aug 2024 01:59 PM (GMT+05:30)

    Bihar Education News In Hindi बिहार के शिक्षा विभाग ने अब मदरसों के लिए नया निर्देश जारी किया है। नए आदेश के मुताबिक मदरसा को भी ई-शिक्षा पोर्टल पर बच ...और पढ़ें

    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
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    HighLights

    1. 31 अगस्त तक नामांकित बच्चों का विवरण अपलोड करने का निर्देश
    2. हर स्कूल में बच्चों का आधार बनाने के लिए दो-दो केंद्र स्थापित किए गए
    3. निजी स्कूलों को भी मिला निर्देश, काम पूरा नहीं होने पर होगी कार्रवाई

    जागरण संवाददाता, पटना। बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड से संबद्ध मदरसा को भी ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर नामांकित बच्चों का विवरण अपलोड करना है।

    पटना के जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मदरसा बोर्ड के प्रशासक बी. कार्तिकेय धनजी से मिले निर्देश के बाद जिले में स्थित सभी गैर सरकारी मान्यता प्राप्त प्रस्वीकृत अनुदानित और गैर अनुदानित मदरसा को 31 अगस्त तक नामांकित बच्चों का विवरण ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया है।

    जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि मदरसों में नामांकित बच्चों का आधार कार्ड नहीं बना है, उन बच्चों का निकट के आधार केंद्र में जाकर बनवाना सुनिश्चित करेंगे। प्रत्येक प्रखंड में चिन्हित सरकारी विद्यालय में बच्चों का आधार बनाने के लिए दो-दो केंद्र स्थापित किए गए हैं।

    निजी स्कूलों को भी करना होगा ये काम

    पदाधिकारी ने कहा कि पोर्टल पर उन्हीं बच्चों का नाम अंकित करना है, जिनके पास आधार कार्ड है। ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर स्कूलों को वर्ष 2023-24 में नामांकित बच्चों की संख्या, प्राप्त कुल आधार, वर्ष 2024-25 में कुल आधार इंट्री, बिना आधार के बच्चों की संख्या और बिना आधार के नामांकित बच्चों का प्रतिशत अंकित करना है।

    जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि मदरसा के अलावा जिले में संचालित सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को भी उनके यहां नामांकित बच्चों को विवरण ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड करने के लिए निर्देशित किया गया है।

    जिले के लगभग सभी सरकारी स्कूल पोर्टल नामांकित बच्चों का विवरण प्रस्तुत कर दिया है। निजी स्कूल इसमें सुस्ती दिखा रहे हैं। ऐसे निजी स्कूलों पर नियमानुसार कार्रवाई जाएगी।

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