झारखंड सिपाही भर्ती पेपर लीक: बिहार EOU माफिया अतुल वत्स से करेगी पूछताछ, कई ठिकानों पर छापामारी
झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में गिरफ्तार अतुल वत्स से बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) भी पूछताछ करेगी। ईओयू को बीपीएससी शिक्षक ...और पढ़ें
-1776228001202_m.webp)
झारखंड पेपर लीक। सांकेतिक फोटो

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण टीम, पटना/रांची। झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार पेपर लीक माफिया अतुल वत्स से बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) भी पूछताछ करेगी।
बीपीएससी शिक्षक भर्ती और बिहार पुलिस की सिपाही बहाली परीक्षा पेपर लीक मामले में भी इकाई को इसकी तलाश है। ईओयू के एडीजी नैययर हसनैन खान ने बताया कि झारखंड पुलिस से संपर्क किया गया है।
ईओयू की एक टीम अतुल वत्स से पूछताछ करेगी। जरूरत पड़ी तो उसको अलग से रिमांड पर भी लिया जा सकता है। उधर उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में आरोपितों को जेल भेजने के बाद झारखंड पुलिस अन्य आरोपितों की पहचान कर उनकी तलाश तेज कर दी गई।
रांची पुलिस पटना सहित अलग-अलग इलाकों छापेमारी कर रही है। पुलिस के हाथ वह मोबाइल नंबर भी लग चुका है, जिससे फर्जी प्रश्नपत्र और उत्तर जारी किए गए थे। मामले में पटना के मालसलामी निवासी विकास कुमार ने जेल जाने से पहले बताया था कि उसके मोबाइल नंबर पर प्रश्नपत्र और उत्तर भेजा गया था।
वहीं, प्रश्नपत्र भेजने वाले चुनचुन ने पूछताछ में बताया कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी के पास से प्रश्नपत्र चोरी किया गया था। उसी के आधार पर उत्तर तैयार कर इसे अभ्यर्थियों के बीच प्रसारित किया गया। हालांकि, जो प्रश्न पत्र जारी हुआ था, वह परीक्षा में नहीं आया।
प्रश्न-पत्र और उत्तर आने के बाद अभ्यर्थियों से किया संपर्क
गिरफ्तार आरोपित अतुल वत्स ने अपने बयान में बताया था कि जैसे ही उसके पास प्रश्नपत्र और उत्तर आया, उसने अभ्यर्थियों से संपर्क करना शुरू कर दिया। प्रश्नपत्र और उत्तर दिखाकर उन्हें परीक्षा के लिए तैयार किया।
खबरें और भी
अतुल ने यह भी बताया कि वह पहले भी उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा प्रश्नपत्र लीक के एक मामले में जेल जा चुका है। झारखंड सीजीएल 2024 परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक मामले में भी उसका नाम सामने आ चुका है।
भागने से पहले अपना नंबर कर दिया था डिलीट
अर्ध निर्मित नर्सिंग भवन से निकलते समय क्रिस्पोटर नामक व्यक्ति ने अपना मोबाइल नंबर मुकेश कुमार के फोन से डिलीट कर दिया था। मुकेश ने जेल जाने से पहले पुलिस को बताया कि क्रिस्पोटर ने जाने से पहले दो नए मोबाइल फोन खरीदे थे, जिनका इस्तेमाल संपर्क और सामान मंगाने के लिए किया गया।
दोनों मोबाइल नंबरों से जुड़े सभी कॉल डिटेल्स की जांच कर रही है। इस गिरोह के खिलाफ समस्तीपुर के मुफस्सिल थाना में केस दर्ज है। रांची पुलिस ने इस मामले में समस्तीपुर पुलिस से संपर्क किया है और वहां जाकर केस से संबंधित जानकारी लेने की तैयारी कर रही है।
कोकर के अरविंद ने अभ्यर्थियों के लिए दी थी भाड़े पर गाड़ी
सदर थाना क्षेत्र के हैदर अली रोड निवासी अरविंद कुमार ने अभ्यर्थियों को तमाड़ पहुंचाने के लिए भाड़े पर गाड़ी उपलब्ध कराई थी। उस गाड़ी को इल्फाज खान चला रहा था। पुलिस अरविंद की तलाश में छापेमारी कर रही है, लेकिन वह अपने घर से फरार है।
इधर, जमशेदपुर में भी इस मामले से जुड़े ठेकेदार गौरव सिंह की तलाश में पुलिस ने कई ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन अब तक वह पकड़ में नहीं आ सका है।
यह भी पढ़ें- Samrat Choudhary LIVE: लोकभवन पहुंचे सम्राट के पिता शकुनी चौधरी, थोड़ी देर बाद शुरू होगा शपथ ग्रहण समारोह
यह भी पढ़ें- शराबबंदी खत्म करो… JDU विधायक अनंत सिंह का बड़ा बयान, सम्राट से करेंगे बात, बोले- ‘निशा-पानी’ ज्यादा खतरनाक