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    ग्लोबल वॉर का बिहार पर असर: मखाना और भागलपुरी सिल्क कारोबार पर बड़ा संकट, ठप होने लगे विदेशी ऑर्डर

    Updated: Sun, 24 May 2026 04:58 AM (IST)

    अंतर्राष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री मार्गों पर बढ़ते जोखिम के कारण बिहार के निर्यात कारोबार पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। ...और पढ़ें

    भागलपुरी सिल्क और मखाना। फाइल फोटो

    भागलपुरी सिल्क और मखाना। फाइल फोटो

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    जागरण संवाददाता, पटना। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कई क्षेत्रों में जारी युद्ध जैसी परिस्थितियों का सीधा असर अब बिहार के निर्यात कारोबार पर दिखने लगा है। खासकर राज्य के प्रमुख निर्यात उत्पाद मखाना और हैंडीक्राफ्ट उद्योग से जुड़े व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।

    व्यापारिक संगठनों के अनुसार बिहार से बड़ी मात्रा में मखाना, मसाले, फल-सब्जियां और हस्तशिल्प उत्पाद विदेश भेजे जाते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर बढ़ते जोखिम ने सप्लाई चेन को प्रभावित कर दिया है।

    समुद्री मार्गों पर संकट से बढ़ी मुश्किलें

    निर्यातकों के मुताबिक रेड सी और स्ट्रेट आफ होर्मुज जैसे प्रमुख समुद्री मार्गों पर सुरक्षा जोखिम बढ़ गया है। इसके चलते कई शिपिंग कंपनियों को अब अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप से होकर लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इस बदलाव का सीधा असर माल ढुलाई लागत और डिलीवरी समय पर पड़ा है।

    नेहाशी इंटरनेशनल एक्सपोर्टर की निदेशक नेहा आर्या ने बताया कि आंकड़ों के अनुसार, हर वर्ष 15,000-20,000 टन मखाना निर्यात होता है, इसका मूल्य 40-50 मिलियन डालर के आसपास है।

    अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन इसके प्रमुख बाजार हैं। उन्होंने कहा कि फ्रेट (माल ढुलाई) लागत लगभग 2 से 2.5 गुना तक बढ़ गई है, इसके साथ ही डिलीवरी समय में 15 से 30 दिन तक की देरी हो रही है। कई पुराने आर्डर भी प्रभावित होने लगे हैं।

    मखाना और हैंडीक्राफ्ट उद्योग पर दबाव

    उन्होंने बताया कि बिहार का मखाना उद्योग वैश्विक बाजार में लगातार अपनी पहचान बना रहा है, लेकिन बढ़ती लागत के कारण विदेशी खरीदारों के आर्डर धीमे पड़ने लगे हैं।

    इसी तरह भागलपुर सिल्क, मधुबनी पेंटिंग और अन्य हस्तशिल्प उत्पादों के निर्यात पर भी असर देखा जा रहा है। निर्यातकों का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो आर्डर में और गिरावट तथा भुगतान में देरी की आशंका बढ़ सकती है।

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    एसोचैम के बिहार अध्यक्ष विवेक साह ने बताया कि वैश्विक तनाव के कारण सप्लाई चेन पहले से ही दबाव में है, और अब शिपिंग रूट बाधित होने से स्थिति और जटिल हो गई है। कारोबारियों ने सरकार से निर्यातकों के लिए विशेष सहायता और लाजिस्टिक सपोर्ट की मांग की है।

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