यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: सम्राट या विजय... किसको मिलेगा तेजस्वी का विभाग? BJP और JDU के बीच ऐसे होगा मंत्रालय का बंटवारा, यहां पढ़ें डिटेल
Bihar Politics नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में फिर से एनडीए सरकार का गठन हो गया है। सीएम नीतीश के साथ भाजपा के सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने डिप ...और पढ़ें

HighLights
- भाजपा से कोई बन सकता है विधानसभा अध्यक्ष
- विजय कुमार सिन्हा को शिक्षा या स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी मिल सकती है
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Political News In Hindi नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के नेतृत्व वाली नई एनडीए (नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस) सरकार में विभागों का बंटवारा अभी नहीं हुआ है। उम्मीद जताई जा रही है कि महागठबंधन सरकार में जो विभाग जदयू (JDU) के पास थे, वही सारे विभाग बरकरार रहेंगे। राजद (RJD) के कोटे वाले विभाग ही भाजपा (BJP) के पास जाएंगे।
चर्चा है कि विधानसभा अध्यक्ष भी भाजपा से हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, गृह, सामान्य प्रशासन, वित्त, ऊर्जा, संसदीय कार्य, ग्रामीण विकास, मंत्रिमंडल सचिवालय, परिवहन जैसे विभाग पहले की तरह जदयू के मंत्रियों के पास ही रहेंगे।
वहीं, भाजपा को शिक्षा, स्वास्थ्य, नगर विकास एवं आवास, पथ निर्माण, उद्योग, कृषि, पर्यटन जैसे अहम विभाग मिल सकते हैं। इसमें उप मुख्यमंत्री बनाए गए सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhary) को नगर विकास एवं आवास या पथ निर्माण विभाग और विजय कुमार सिन्हा (Vijay Sinha) को शिक्षा या स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी मिल सकती है।
भाजपा नए चेहरों को दे सकती है मौका
नए मंत्रिमंडल में जदयू की ओर से नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना कम है। कयास लगाए जा रहे हैं कि लगभग पुराने मंत्रियों को ही दोबारा मौका दिया जाएगा। वहीं, भाजपा की ओर से पिछली एनडीए सरकार के चेहरे तो वापसी करेंगे, मगर कुछ नए चेहरों को भी मौका दिया जा सकता है।
राजभवन के पास प्रशासन के अफसर रहे चौकस
राजभवन के पास रविवार को दिनभर गहमागहमी रही। वीआइपी गतिविधियों की वजह से पुलिस-प्रशासन के अधिकारी चौकस रहे। डीएम शीर्षत कपिल अशोक, सदर एसडीओ श्रीकांत कुण्डलिक खांडेकर, अपर दंडाधिकारी विधि व्यवस्था हेमंत कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी लगातार स्थिति का मुआयना करते रहे।
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कई दंडाधिकारियों को भी विधि-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी। आमजन का आवागमन तो इन मार्गों पर पहले ही रोक दिया गया था। नेहरू पथ से राजभवन की ओर जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग कर दी गई थी। पटना चिड़ियाघर के गेट नंबर दो के पास भी पुलिस मुस्तैद थी।