CM सम्राट चौधरी का बड़ा रोडमैप: 5 लाख करोड़ निवेश, 589 किमी एक्सप्रेसवे और 12 नए सैटेलाइट शहर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वतंत्रता दिवस पर बिहार के विकास का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया, जिसमें ₹5 लाख करोड़ के निवेश, पुलिस आधुनिकीकरण, शिक्षा विस्तार और औद्योगिक विकास पर जोर दिया गया।

गांधी मैदान में परेड का निरीक्षण करते सीएम सम्राट चौधरी। जागरण
HighLights
₹5 लाख करोड़ निवेश और 2030 तक सेमीकंडक्टर हब का लक्ष्य।
12 नए ग्रीनफील्ड सैटेलाइट शहर और 589 किमी एक्सप्रेसवे का निर्माण।
पुलिस आधुनिकीकरण, शिक्षा विस्तार और ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां।
डिजिटल डेस्क, पटना। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास का विस्तृत रोडमैप सामने रखा।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित, शांतिपूर्ण और भयमुक्त समाज किसी भी विकसित राज्य की पहचान है। बिहार में विकास की गति को बनाए रखने के लिए सरकार ने अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है।
पुलिस के आधुनिकीकरण से लेकर उद्योग, बिजली, सड़क, शिक्षा और शहरी विकास तक सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी उन्होंने साझा की।
1833 आपातकालीन वाहनों से मिल रही त्वरित सेवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस के आधुनिकीकरण की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इमर्जेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS) के तहत राज्य में 1,833 आपातकालीन वाहनों के माध्यम से औसतन 10 मिनट के भीतर एंबुलेंस, पुलिस, अग्निशमन, हाईवे पेट्रोलिंग, डिजास्टर रिस्पॉन्स तथा महिला एवं बाल हेल्पलाइन जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
महिलाओं की सुरक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि बिहार ‘सुरक्षित सफर सुविधा योजना’ शुरू करने वाला देश का तीसरा राज्य है।
राज्य के सभी थाना क्षेत्रों में ‘अभया ब्रिगेड’ का गठन किया गया है। अब तक 855 थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित कर उन्हें 24 घंटे संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पुलिस बल को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर नियुक्ति और प्रशिक्षण का काम चल रहा है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘पुलिस दीदी’ को स्कूटी देने का भी निर्णय लिया गया है।
3.47 लाख करोड़ से अधिक का बजट, विकास को मिली गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3 लाख 47 हजार 590 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश किया गया है।
यह बजट राज्य के विकास का रोडमैप है। इसमें आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, तकनीक और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के जून तक कुल राजस्व संकलन में बिहार ने 16.75 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। यह जीएसटी व्यवस्था में राज्य के बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है।
2030 तक बिहार को सेमीकंडक्टर हब बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए सरकार ने कई नीतिगत सुधार किए हैं। बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025 में संशोधन और विस्तार किया गया है।
साथ ही बिहार सेमीकंडक्टर नीति-2026 शुरू की गई है। इसका लक्ष्य 2030 तक बिहार को सेमीकंडक्टर निर्माण से जुड़े उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।
राज्य में 100 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र और करीब 10 हजार एकड़ औद्योगिक भूमि उपलब्ध है। प्लग एंड प्ले शेड्स, ड्राई पोर्ट, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स सुविधाएं और पूर्वी समर्पित माल गलियारे से जुड़ाव जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।
प्रत्येक जिले में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए 14,600 एकड़ नई औद्योगिक भूमि के अधिग्रहण को मंजूरी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य है। उन्होंने राज्य के बाहर रहने वाले बिहारियों से भी अपील की कि वे अपनी कर्मभूमि से जुड़ा अनुभव और पूंजी जन्मभूमि के विकास में लगाएं।
छह महीने में पांच और चीनी मिलें शुरू होंगी
गन्ना किसानों की आय और जीवन में खुशहाली लाने के लिए राज्य सरकार 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, 10 चीनी मिलों की शुरुआत हो चुकी है, जबकि अगले छह महीने में पांच और चीनी मिलें शुरू की जाएंगी।
बिजली की मांग 9475 मेगावाट तक पहुंची
ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बिजली की अधिकतम मांग को पूरा करने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
पहले राज्य में करीब 350 मेगावाट बिजली की खपत होती थी, जबकि अब 9,475 मेगावाट की अधिकतम मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत 4 लाख 83 हजार बीपीएल परिवारों की छतों पर मुफ्त रूफटॉप सोलर लगाए जा रहे हैं। 2027 तक 25 लाख घरों पर सोलर रूफटॉप लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री विद्युत सहायता योजना के तहत उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है।
वहीं मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबद्ध योजना के दूसरे चरण के तहत पिछले एक साल में किसानों को 1 लाख 66 हजार मुफ्त कृषि बिजली कनेक्शन दिए गए हैं।
किसानों को सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य में अब 44 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित है।
12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप बसाने की तैयारी
सुनियोजित शहरी विकास के लिए राज्य में 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इनमें पटना में पाटलिपुत्र, सोनपुर में हरिहरनाथपुर, गया में मगध, दरभंगा में मिथिला, सहरसा में कोसी, पूर्णिया में पूरनदेवी, मुंगेर में अंग, मुजफ्फरपुर में तिरहुत, छपरा में सारण, भागलपुर में विक्रमशिला, सीतामढ़ी में सीतापुरम और डेहरी में सैटेलाइट सिटी विकसित की जाएगी।
इन नगरों के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास के लिए एक लाख करोड़ रुपये के दीर्घकालिक वित्तपोषण को लेकर HUDCO के साथ समझौता ज्ञापन भी किया गया है।
589 किलोमीटर के एक्सप्रेस-वे और हाई-स्पीड कॉरिडोर पर काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में वर्तमान में पांच एक्सप्रेस-वे और छह हाई-स्पीड कॉरिडोर पर तेजी से काम चल रहा है। इनमें करीब 589 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और हाई-स्पीड कॉरिडोर शामिल हैं।
हवाई संपर्क के क्षेत्र में भी राज्य में विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में चार हवाई अड्डे संचालित हैं, जबकि छह से अधिक नए हवाई अड्डों के निर्माण का काम चल रहा है।
सभी जिलों में एयरस्ट्रिप विकसित करने की दिशा में काम हो रहा है। सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की योजना पर भी काम चल रहा है।
शिक्षा पर 66 हजार करोड़ से अधिक खर्च
मुख्यमंत्री ने शिक्षा को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि राज्य के कुल बजट में से 66,676 करोड़ रुपये से अधिक शिक्षा पर खर्च किए जा रहे हैं। यह कुल बजट का करीब 20 प्रतिशत है।
कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और समग्र शिक्षा देने के लिए 551 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) स्थापित किए गए हैं।
बिहार स्कूल लाइव क्लासेज और ऑनलाइन कोचिंग की शुरुआत भी की गई है, जिससे लाखों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिल रही है।
सभी प्रखंडों में डिग्री स्तर तक पढ़ाई का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा को गांवों तक पहुंचाने के लिए राज्य के सभी प्रखंडों में डिग्री स्तर तक की पढ़ाई शुरू करने का लक्ष्य पूरा किया जा रहा है। 15 जुलाई से राज्य के बचे हुए 211 प्रखंडों में एक साथ डिग्री कॉलेजों की शुरुआत की गई है।
उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं, विशेषकर बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। सरकार का लक्ष्य है कि बिहार में शिक्षा, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करते हुए राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाए।
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