बंगाल में BJP के लिए काम कर गया 'M' फैक्टर, बिहार के नेता की सियासी चाल ने ममता के साथ कर दिया 'खेला'
पश्चिम बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत का श्रेय 'M' फैक्टर को दिया जा रहा है। 'M' फैक्टर यानी मंगल। इन्होंने ही संगठन और रणनीति के स्तर पर महत्वपूर्ण भू ...और पढ़ें

बिहार के नेता की सियासी चाल ने ममता के साथ कर दिया 'खेला' (PTI File Photo)

समय कम है?
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राज्य ब्यूरो, पटना। पश्चिम बंगाल की राजनीति में भाजपा की प्रचंड जीत (Bengal Election Result 2026) पर मंगल फैक्टर तेजी से चर्चा में है। भाजपा के लिए लंबे समय से चुनौतीपूर्ण रहे इस प्रांत में अब संगठन और रणनीति के स्तर पर बतौर पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रभारी मंगल पांडेय का नाम बड़े सूत्रधार के रूप में उभरकर सामने आ रहा है।
पार्टी के भीतर उन्हें एक ऐसे रणनीतिकार के तौर पर देखा जा रहा है, जो जमीनी स्तर से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक समन्वय स्थापित करने में सफल रहे हैं।
मंगल पांडेय ने कमजोरी को ताकत में बदला
गैर हिंदी भाषी प्रांत में भाजपा को अब तक सबसे बड़ी समस्या संगठन की कमजोरी एवं स्थानीय नेतृत्व के बीच तालमेल की कमी रहती थी, लेकिन मंगल पांडेय ने 2022 में बंगाल भाजपा के प्रभारी के तौर दायित्व संभालने के उपरांत इस कमजोरी को अपनी ताकत में बदलने की कोशिश की।
बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना, पुराने कार्यकर्ताओं को फिर से जोड़ना एवं नए चेहरों को अवसर जैसे सभी मोर्चों पर उनकी रणनीति प्रभावकारी रही।
रणनीति को दिया स्थानीय रंग
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि मंगल पांडेय ने बंगाल की सामाजिक और सांस्कृतिक जटिलताओं को समझते हुए भाजपा की रणनीति को स्थानीय रंग देने का काम किया है।
केवल राष्ट्रीय मुद्दों पर निर्भर रहने के बजाय उन्होंने क्षेत्रीय भावनाओं, स्थानीय समस्याओं और समुदाय विशेष की अपेक्षाओं को प्राथमिकता दी। यही पहल रही कि पार्टी का जनाधार धीरे-धीरे विस्तारित होता चला गया।
इसके साथ ही, विपक्षी दलों के विरुद्ध आक्रामक, लेकिन संतुलित राजनीतिक रुख अपनाना भी उनकी रणनीति का अहम हिस्सा रहा है। वे सीधे टकराव के बजाय मुद्दों के माध्यम से जनता तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे भाजपा की छवि में भी बदलाव देखने को मिला।
संगठन की कसौटी पर खरे उतरे
बंगाल से पहले मंगल पांडेय ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 में अवध क्षेत्र के चुनाव प्रभारी का दायित्स संभालते हुए 82 में 68 सीट पर भाजपा को जीत मिली, जबकि पहले मात्र छह विधायक थे। हिमाचल प्रदेश के प्रभारी के तौर भी मंगल पांडेय पार्टी की कसौटी पर खरे उतरे थे।
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हिमाचल में प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनी थी। 2019 लोकसभा चुनाव में झारखंड भाजपा के प्रभारी रहते 14 में 12 सीट पर भाजपा सांसदों को जीत मिली थी।
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