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    पटना के अस्पतालों में सीसीटीवी अनिवार्य, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

    Updated: Wed, 01 Apr 2026 12:15 PM (IST)

    जिला स्वास्थ्य समिति अब अस्पतालों में सीसीटीवी निगरानी को लेकर सख्त है। पटना के कई स्वास्थ्य संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने पर सिविल सर्जन ने ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, पटना। अस्पतालों में चिकित्सकीय सुविधाओं की निगरानी को अब जिला स्वास्थ्य समिति सख्त रुख अपना रही है। हाल में जारी पत्र में कहा गया है कि जिन स्वास्थ्य संस्थानों में सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है, वहां किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रभारी की होगी।

    पत्र के अनुसार, सिविल सर्जन ने कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के औचक निरीक्षण के क्रम में पाया कि कई संस्थान सीसीटीवी कैमरा मॉनिटरिंग में शामिल नहीं हैं। खासकर राजेंद्र नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक व गर्दनीबाग अस्पताल के उपाधीक्षक को सीसीटीवी कैमरा लगाने का आदेश सिविल सर्जन डा. योगेंद्र प्रसाद मंडल ने दिया है।

    सात मार्च को दिए उनके आदेश के बावजूद माह समाप्त होने के बाद भी दोनों केंद्रों में सीसीटीवी नहीं लगा है। इस लापरवाही पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी है। गर्दनीबाग की उपाधीक्षक डॉ. सीमा ने बताया कि इस बाबत लेखापाल को कार्रवाई करने को कहा गया था लेकिन अन्य प्राथमिकताओं के चलते यह अबतक नहीं हो पाया है। अस्पताल में लंबे समय से स्वास्थ्य प्रबंधक की नियुक्ति नहीं की गई है।

    गर्दनीबाग अस्पताल में बच्चे की मौत के बाद सामने आई थी लापरवाही

    11 मार्च को गर्दनीबाग अस्पताल में एक नवजात की प्रसव के दौरान मौत के बाद स्वजन ने हंगामा किया था। इसके बाद स्वजन ने चिकित्सकों की लापरवाही को सीसीटीवी में देखने कि मांग की थी लेकिन गर्दनीबाग अस्पताल में सीसीटीवी नहीं होने से अस्पताल प्रशासन को किरकिरी का सामना करना पड़ा था।

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    सीएस ने निरीक्षण में स्वास्थ्य केंद्र में कैमरा नहीं पाया जो सुरक्षा और पारदर्शिता दोनों पर सवाल खड़ा करता है। सीएस ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए निर्देश दिया है कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य रूप से जल्द से जल्द स्थापित कराया जाए।

    साथ ही कैमरे से संस्थान की गतिविधियों की नियमित मानिटरिंग सुनिश्चित की जाए। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी संस्थान में सीसीटीवी नहीं होने के कारण कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी वहां के प्रभारी पदाधिकारी की होगी।

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