Bihar Politics: 'लालू से ईर्ष्या में तोड़ा जा रहा बिहार निवास', राजद का नीतीश कुमार पर निशाना
राजद ने दिल्ली स्थित बिहार निवास को तोड़ने के नीतीश सरकार के फैसले को राजनीतिक षड्यंत्र बताया है। पार्टी का आरोप है कि यह लालू प्रसाद के प्रति ईर्ष्या ...और पढ़ें

राजद बोला, लालू से ईर्ष्या में तोड़ा जा रहा मजबूत व शानदार बिहार निवास
राज्य ब्यूरो, पटना। दिल्ली स्थित बिहार निवास को अभी मजबूत और शानदार बताते हुए राजद ने उसे तोड़कर नया भवन बनाने के निर्णय को राजनीतिक षड्यंत्र बताया है। पार्टी की बिहार इकाई के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव का आरोप है कि नीतीश सरकार की कुंठित मानसिकता और राजद व लालू के प्रति ईर्ष्या के कारण ऐसा हो रहा है। वर्ष 1994 में यह भवन बना, तब लालू प्रसाद मुख्यमंत्री हुआ करते थे।
उन्होंने कहा कि पोर्टिको में उनके नाम का शिलापट्ट है। उसे मिटाने और चहेते ठेकेदारों की जेब भरने के लिए नया भवन बनाया जाएगा, जबकि हाल ही में दो करोड़ रुपये खर्च कर बिहार निवास का सुंदरीकरण हुआ है। उसमें राज्यपाल और मुख्यमंत्री के शानदार सुइट हैं। यह भवन अगले 50-60 वर्षाें तक मजबूती से खड़ा रह सकता है। ऊंचाई पर होने के कारण यहां जलजमाव की समस्या भी नहीं।
'बिहार सदन से पानी टपकने लगा'
शक्ति का आरोप है कि दिल्ली में ही नीतीश कुमार द्वारा बनवाए गए बिहार सदन से पानी टपकने लगा है। वहां कोई जाना नहीं चाहता। बिहार आज तीन लाख करोड़ से अधिक के कर्ज में डूबा है। राज्य का प्रत्येक व्यक्ति 25 हजार रुपये का कर्जदार है। खजाने से प्रतिदिन 62 करोड़ रुपये और प्रतिवर्ष लगभग 28 हजार करोड़ रुपये ब्याज चुकाने में जा रहे। ऐसे गरीब राज्य की गाढ़ी कमाई को मात्र अपनी ईर्ष्या मिटाने के लिए बर्बाद करना कहां का न्याय है?
'...ताकि नीतीश अपना नाम चमका सकें'
उन्होंने आगे कहा कि बिहार निवास से कहीं अधिक पुराना बिहार भवन है, लेकिन उसे हाथ भी नहीं लगाया जा रहा, क्योंकि वहां लालू के नाम का शिलापट्ट नहीं है। एक भव्य और मजबूत भवन को ध्वस्त कर 500 करोड़ रुपये से अधिक की बर्बादी मात्र इसलिए होगी, ताकि नीतीश कुमार अपना नाम चमका सकें।
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शक्ति ने कहा कि आत्ममुग्धता और जल्दबाजी की स्थिति यह है कि उसी दीवार पर नीतीश के नाम का शिलापट्ट भी टांग दिया गया है। चेतावनी यह कि नीतीश का कोई नाम तक नहीं लेगा।पटना में कभी कोई उनकी प्रतिमा लगाएगा, तो वह लालू का लाल ही।