बिहार सरकार के खिलाफ राजद का हल्ला बोल, धरना से गिरफ्तारी तक चलेगा आंदोलन
राजद 9 जून से बिहार सरकार के खिलाफ महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और अपराध जैसे मुद्दों पर जन-संघर्ष शुरू करेगा। यह आंदोलन धरना प्रदर्शन से शुरू होकर ग ...और पढ़ें

तेजस्वी यादव। फाइल फोटो

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, पटना। महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अपराध आदि के मुद्दों पर 9 जून से राजद का जन-संघर्ष शुरू होगा। बुधवार को प्रेस-वार्ता कर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने इसकी घोषणा की।
इस आंदोलन की तीन कड़ियां होंगी, जिसका समापन राजद के नेता-कार्यकर्ता गिरफ्तारी देकर करेंगे। पहली कड़ी के अंतर्गत नौ जून को सभी प्रखंड-अंचल मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा।
17 जून को पार्टी के सभी 55 सांगठनिक जिला मुख्यालयों पर धरना होगा। आंदोलन की दूसरी और तीसरी कड़ी की घोषणा यथाशीघ्र की जाएगी।
बिहार में प्रति व्यक्ति आय सबसे कम होने का हवाला देते हुए मंडल ने कहा कि गरीबी कम नहीं हुई। सरकार के दावे थोथे हैं। सरकार 26 प्रतिशत से कम गरीबी बता रही, जबकि वास्तव में बीपीएल आबादी इससे डेढ़ गुणा अधिक है।
भूमिहीन व गृहहीन लोगों को आवास के लिए भूमि नहीं मिली। जिन्हेें मिली, उनसे सामंती प्रवृत्ति वाले छीन लिए। अपराध चरम पर है। अबोध बच्चियों तक से दुष्कर्म हो रहा। विधानसभा चुनाव के बाद से ऐसे 50 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं।
विकास का संतुलन भी गड़बड़ है। शिवहर सबसे गरीब और पटना-बेगूसराय धनाढ्य जिला बने हुए हैं। संविधान संतुलित विकास की पैरोकारी करता है। राजद के आंदोलन के आधार में ये सारे मुद्दे हैं।
महंगाई बेहिसाब बढ़ रही। बिहार सरकार से हमारी मांग है कि पेट्रोल-डीजल से वैट-सरचार्ज कम करे, ताकि महंगाई कुछ कम हो।
रिशु किसका शिशु है: राजद
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने देश-प्रदेश में हिडेन इमरजेंसी गोपनीय आपातकाल का आरोप लगाया। प्रदेश इकाई के प्रधान महासचिव रणविजय साहू ने कहा कि रंगदारी में दस लाख रुपये नहीं देने के कारण शिवहर में प्रखंड प्रमुख के भाई की हत्या कर दी गई।
प्रदेश उपाध्यक्ष डा. तनवीर हसन ने कहा कि संगठन और संघर्ष के माध्यम से हम जनता के बीच जाएंगे। मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि बिहार में बकैती, फेकैती और लठैती वाली सरकार चल रही है।
सरकार बताए कि रिशु किसका शिशु है? प्रेस-वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद, अरुण कुमार यादव, महेंद्र विद्यार्थी, उपेंद्र चंद्रवंशी व गणेश यादव आदि उपस्थित रहे।
कैग का हिसाब चाहिए
मंडल ने कहा कि कैग को 72000 करोड़ का हिसाब नहीं मिला है। यह वित्तीय अपराध का मामला है। सरकार बताए कि गड़बड़ी कहां और कैसे हुई? राजद के हिसाब-किताब में यह राशि 81000 करोड़ है। सही समय पर पर्दाफाश होगा।