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    आंध्रप्रदेश की 'मौत की फैक्ट्री' से लौटे 4 बिहारी मजदूरों ने तोड़ा दम, MLA बोले - दोषियों को बख्शेंगे नहीं 

    Updated: Wed, 03 Jun 2026 02:00 AM (IST)

    पूर्णिया के कसबा स्थित जियनगंज गांव में आंध्र प्रदेश से लौटे चार मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से बीमार हैं। विधायक नितेश सिंह ने पीड़ि ...और पढ़ें

    मौके पर पहुंचे विधायक। फोटो जागरण

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    संवाद सूत्र, कसबा (पूर्णियां)। जियनगंज गांव में आंध्रप्रदेश से लौटे करीब एक दर्जन मजदूरों में से एक के बाद एक कुल चार लोगों की मौत के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया है।

    मंगलवार को भी एक की मौत के बाद कई घरों में चूल्हे नहीं जले, पूरा गांव चिंता में डूबा है। गांव के अधिकतर लोगों को उम्मीद है कि बाकी बचे का अगर बेहतर तरीके से इलाज हो जाए तो उनकी जिंदगी बच सकती है। वहीं, ग्रामीणों में इस बात को लेकर गुस्सा है कि इस मामले में पुलिस प्रशासन चुप्पी साधे हुआ है।

    वहीं, मंगलवार देर शाम कसबा विधायक नितेश सिंह से लेकर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लोगों की सुध लेने गांव पहुंच गए। कसबा विधायक जियनगंज स्थित मृतक मजदूर मो मसद के घर पहुंच कर शोकाकुल परिजनों से मिल कर सांत्वना देते हुए कहा कि किसी भी सूरत पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

    मामले को लेकर वरीय पदाधिकारियों से बातचीत की गई है। मृतक के परिजनों से मिलने के बाद कसबा विधायक इस घटना में गंभीर रूप से बीमार अन्य मजदूरों से मिलकर घटना की पूरी जानकारी ली।

    मौके पर जिला श्रम पदाधिकारी, एसडीपीओ सदर 2 डॉ गौरव कुमार एवं थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन भी मौजूद रहे। विधायक ने कहा कि सभी गंभीर रूप से बीमार मजदूरों के इलाज के लिए पूर्णियां मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा जाएगा, जहां चिकित्सकों के जांच के बाद जिस मजदूर की स्थिति चिंताजनक होगी, उन्हें बेहतर इलाज के लिए हाइयर सेंटर भेजा जाएगा।

    उन्होंने कहा कि मृतकों को बिहार सरकार के नियमानुकूल मुआवजा दिया जाएगा। वहीं सदर एसडीपीओ टू ने बताया कि इस घटना में गंभीर रूप से बीमार सभी मजदूरों का बयान लिया जा रहा है। दोषियों की गिरफ्तारी हर हाल में होगी।

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    जान बचाकर मौत की फैक्ट्री से घर पहुंचे तारानगर मोहल्ला निवासी बीमार मजदूर गांगुली कुमार, जियनगंज गांव निवासी बीमार मजदूर सितेश कुमार ऋषि एवं विक्रम कुमार ऋषि ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि ठेकेदार मु जुनैद ने यह कह कर हम लोगों को आंध्र प्रदेश ले गया कि वहां कम परिश्रम तथा ज्यादा वेतन वाली नौकरी दिलवा दूंगा।

    वहां उन्हें पाउडर बनाने वाली फैक्ट्री में लगा दिया गया। धूल से बचाव के लिए फैक्ट्री मालिक ने कोई विशेष सुरक्षा उपकरण नहीं दिया। कुछ ही दिनों बाद हम लोग बीमार पड़ने लगे। जब ठेकेदार से घर जाने की बात कही तो उसने मारपीट की और जबरन 12-12 घंटे काम कराने लगा।

    जब एक साथ कई मजदूर बीमार पड़ गए तो स्वजनों को सूचना दी गई। उनके स्वजनों द्वारा किसी तरह फैक्ट्री से मजदूरों को घर लाया गया। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसबा एवं अन्य निजी अस्पतालों में बीमार मजदूरों का इलाज चल रहा है।

    जियनगंज गांव निवासी मजदूर 18 वर्षीय मु. राजिक, 20 वर्षीय श्रवण ऋषि, रंजीत कुमार ऋषि, सीतेश कुमार ऋषि, विक्रम कुमार ऋषि, दानिश आलम एवं तारानगर मोहल्ला निवासी गांगुली कुमार की हालत नाजुक बताई जा रही है।

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