पूर्णिया में हड़ताल की आड़ में पैसों का 'खेल', पंचायत सचिवों ने किया 41 लाख से अधिक का भुगतान
बिहार में पंचायत सचिवों की हड़ताल के दौरान पूर्णिया जिले में 41 लाख रुपये से अधिक के वित्तीय लेनदेन का खुलासा हुआ है। ...और पढ़ें
-1778853393300_m.webp)
एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
पूर्णिया में हड़ताल के दौरान 41 लाख से अधिक का भुगतान।
पंचायती राज विभाग ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता माना।
दोषी पंचायत सचिवों पर होगी अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई।
सुशांत, धमदाहा (पूर्णिया)। बिहार में पंचायत सचिवों की हड़ताल अब बड़े वित्तीय घोटाले और नियमों की अनदेखी के मामले में बदलती नजर आ रही है।
पंचायती राज विभाग ने हड़ताल अवधि के दौरान वित्तीय कार्य करने वाले पंचायत सचिवों पर सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं।
विभागीय जांच में पूर्णिया जिले की कई पंचायतों में 41 लाख रुपये से अधिक के भुगतान का मामला सामने आया है, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।
पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि 8 अप्रैल 2026 से बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल प्रभावी थी।
इसके बावजूद कई पंचायत सचिवों ने ई-पंचायत बिहार और ई-ग्रामस्वराज पोर्टल पर डीएससी साइन का इस्तेमाल कर भुगतान और अन्य वित्तीय लेन-देन किए।
विभाग ने इसे सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि 'गलत मानसिकता एवं व्यक्तिगत आर्थिक लाभ' से प्रेरित गंभीर वित्तीय अनियमितता माना है।
लाखों रुपये का भुगतान
पंचायत सचिव संघ द्वारा किये गए घोषणा के अनुसार हड़ताल के दौरान सरकारी कार्य बंद रहने चाहिए थे, लेकिन कई पंचायतों में चुपचाप फाइलें चलाई गईं और लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया।
सवाल यह उठ रहा है कि जब कर्मचारी हड़ताल पर थे, तब आखिर किसके निर्देश पर और किस उद्देश्य से भुगतान किए गए। जांच में पूर्णिया जिले के सात प्रखंडों की पंचायतों के नाम सामने आए हैं।
इनमें अमौर, बनमनखी, बरहरा, भवानीपुर, डगरुआ, कृत्यानंद नगर और श्रीनगर प्रखंड की पंचायतें शामिल हैं। विभाग अब संबंधित पंचायत सचिवों की भूमिका की जांच कर रहा है।
इन पंचायतों में पकड़ी गई गड़बड़ी
जिन पंचायतों में गड़बड़ी पकड़ी गई है उनमें अमौर प्रखंड के बिशुनपुर एवं भवानीपुर, बनमनखी के काझी हृदय नगर और कोशी शरण देवोत्तर, बरहरा के गौरीपुर, भवानीपुर के लाठी, डगरुआ के मकेली, कृत्यानंद नगर के जगनी तथा श्रीनगर प्रखंड के खोखा साउथ पंचायत का नाम शामिल है।
विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि ऐसे पंचायत सचिवों को चिह्नित कर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के तहत अनुशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
साथ ही हड़ताल पर रहने वाले अथवा अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पंचायत सचिवों का डोंगल और डीएस,सी तत्काल प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी के पास जमा कराने का आदेश भी दिया गया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि हड़ताल के दौरान हुए इन भुगतानों का लाभ किसे पहुंचाया गया और क्या यह सिर्फ नियम उल्लंघन है या इसके पीछे बड़े स्तर की वित्तीय मिलीभगत छिपी हुई है।
यह भी पढ़ें- गोपालगंज में हड़ताल के दौरान पंचायत सचिवों ने निकाले ₹3000000, DM को मिली लिस्ट; अब होगा एक्शन
यह भी पढ़ें- बिहार में हड़ताल पर रहने के बाद भी पंचायत सचिवों ने किया करोड़ों का भुगतान, अब गिरेगी गाज