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    पूर्णिया में 45 करोड़ के रेलवे ओवरब्रिज निर्माण का भारी विरोध, व्यापारियों ने कहा- बाजार बर्बाद हो जाएगा

    Updated: Mon, 29 Jun 2026 01:34 PM (GMT+05:30)

    पूर्णिया में 44.88 करोड़ के रेलवे ओवरब्रिज निर्माण का स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह परियोजना मु ...और पढ़ें

    पूर्णिया: 13 नंबर गुमटी पर रेलवे ओवरब्रिज बनने से नाराज हुए व्यापारी

    पूर्णिया: 13 नंबर गुमटी पर रेलवे ओवरब्रिज बनने से नाराज हुए व्यापारी

    जागरण संवाददाता, पूर्णिया। रेल मंत्रालय द्वारा कटिहार एवं पूर्णिया रेलवे जंक्शन के बीच स्थित 13 नंबर रेलवे गुमटी पर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) निर्माण योजना का स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया है।

    लगभग 44.88 करोड़ की लागत से स्वीकृत इस परियोजना को लेकर लोगों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन बिना ठोस सर्वेक्षण के थोपा जा रहा यह ओवरब्रिज मुख्य बाजार को पूरी तरह उजाड़ देगा।

    रोजी-रोटी का संकट खड़ा होने का डर

    स्थानीय नागरिकों और व्यापार संघ के प्रतिनिधियों ने एक सुर में कहा कि इस ओवरब्रिज के निर्माण से बेलौरी क्षेत्र का प्रमुख स्थानीय बाजार पूरी तरह प्रभावित होगा।

    इसके कारण हजारों छोटे दुकानदारों, फुटपाथ विक्रेताओं, व्यापारियों और दिहाड़ी मजदूरों के सामने सीधे तौर पर रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा, जिससे भुखमरी की स्थिति आ जाएगी।

    पहले से मंदी की मार झेल रहा है बाजार

    गौरतलब है कि पूर्व में एनएच-131ए फोरलेन निर्माण के कारण इस क्षेत्र का व्यवसाय पहले से ही मंदी और विस्थापन की मार झेल रहा है। ऐसे में एक और बड़ा निर्माण स्थानीय अर्थव्यवस्था की पूरी तरह कमर तोड़ देगा।

    व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन को कोई भी कदम उठाने से पहले यहां के छोटे दुकानदारों के भविष्य के बारे में जरूर सोचना चाहिए।

    बिना वजह खर्च हो रहे 44.88 करोड़ रुपये

    स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने दावा किया कि 13 नंबर रेलवे गुमटी पर यातायात जाम की ऐसी कोई गंभीर समस्या नहीं है, जिसके लिए 44.88 करोड़ की भारी-भरकम राशि खर्च करके ओवरब्रिज बनाया जाए।

    जनता का मानना है कि इस समस्या का समाधान बेहद कम लागत वाले और व्यावहारिक वैकल्पिक मार्गों के जरिए बहुत आसानी से किया जा सकता है।

    स्थानीय लोगों ने सुझाया जाम का विकल्प

    लोगों का कहना है कि बेलौरी-सनौली रोड के लालबाड़ी हनुमान मंदिर से लेकर एनएच-31 बाईपास तक सड़क का चौड़ीकरण किया जाए, जो कि ओवरब्रिज के मुकाबले बेहद कम लागत वाला विकल्प है।

    इसके अलावा कटिहार मोड़ की तर्ज पर बेलौरी चौक और लालबाड़ी हनुमान मंदिर से रेल गुमटी नंबर 13 तक भारी वाहनों के लिए 'नो एंट्री' की समय सारणी लागू की जाए।

    विशेषज्ञों की कमेटी बनाने की उठी मांग

    स्थानीय नागरिक अजय कुमार दास, मनोज कुमार साह, अनिल कुमार दास, गौतम दत्ता, पवन, प्रकाश, सूरज, ललित, दिलीप और सुबोध साह सहित दर्जनों लोगों ने इस पर आपत्ति जताई है।

    उन्होंने मांग की है कि इस परियोजना से रोजगार पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों का सामाजिक-आर्थिक अध्ययन किया जाए और वैकल्पिक समाधानों के लिए विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाई जाए।

    निर्माण कार्य स्थगित रखने की चेतावनी

    आक्रोशित नागरिकों का कहना है कि जब तक इस पूरी योजना का पुनर्मूल्यांकन और समीक्षा पूरी नहीं हो जाती, तब तक ओवरब्रिज के निर्माण कार्य को पूरी तरह स्थगित रखा जाए।

    अगर बिना जनसुनवाई के जबरन काम शुरू कराया गया, तो स्थानीय व्यापारी और आम जनता इसके खिलाफ उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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