सहरसा में सील घरों का ताला तोड़ बना दिया 'कोठा', 18 लड़कियां-ग्राहक गिरफ्तार; कंडोम और टेबलेट का जखीरा बरामद
सहरसा के भारतीय नगर में पुलिस ने देह व्यापार के अड्डे पर छापा मारा, जिसमें 18 लोग (10 महिलाएं, 4 नाबालिग लड़कियां और 4 पुरुष) हिरासत में लिए गए। ...और पढ़ें

छापामारी करती हुई पुलिस। फोटो जागरण
HighLights
सहरसा में देह व्यापार के अड्डे पर पुलिस का छापा।
18 लोग हिरासत में, निरोध और दवाएं बरामद हुईं।
सील किए गए घरों में फिर से चल रहा था धंधा।
जागरण संवाददाता, सहरसा। शहर के भारतीय नगर इलाके में देह व्यापार की सूचना पर पुलिस टीम ने मंगलवार दोपहर सघन छापेमारी की। इस दौरान कई घरों में देह व्यापार संचालित हो रहा था।
पुलिस ने यहां से 18 महिला और पुरुष को हिरासत में लिया। जांच के दौरान घरों से भारी मात्रा में निरोध एवं टेबलेट बरामद किया गया है।
साइबर डीएसपी कल्याण आनंद के नेतृत्व में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (अहटू) साइबर टीम, सदर थाना और एफएसएल टीम व भारी संख्या में महिला व पुलिसकर्मियों के साथ छापेमारी की गई।
काफी संख्या में पुलिस के पहुंचते ही इलाके में हड़कंप मच गया। कई घरों में एक साथ छापेमारी से लड़कियां व महिलाएं इधर-उधर भागने लगी।
वहीं, मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा महिला, लड़की व पुरुष को हिरासत में लिया गया। मौके से 10 महिला, चार नाबालिग लड़की और चार युवक को हिरासत में लेकर कुल आठ 18 लोगों को सदर थाना लाया गया। हिरासत में लिए गए।
गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के बाद उसके कार्यकलाप व नाम एवं पता का सत्यापन किया जा रहा है। वहीं, कुछ लोग वहां से भाग निकले ऐसे लोगों का पता लगाया जा रहा है।
इस संबंध में साइबर डीएसपी कल्याण आनंद ने बताया कि बहुत दिनों से सूचना मिल रही थी कि भारतीय नगर में गलत काम हो रहा है। सूचना के आधार पर संयुक्त रूप से छापेमारी की गई।
मामले की जांच पड़ताल की जा रही है आगे कार्रवाई की जा रही है और आगे कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि कुछ माह पहले रेडलाइट इलाके में हुई छापेमारी में कुछ घरों को सील किया गया था।
ऐसे सील किए गए घरों का सील तोड़कर फिर से देह व्यापार किया जा रहा था। जिन्होंने सील घरों को खोलकर फिर से इसे चालू किया है ऐसे लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
मशक्कत से खोला गया घर व कमरा
छापेमारी करने पहुंची पुलिस टीम के पहुंचने पर कई घर व कमरा अंदर से बंद था। छापेमारी कुछ छोटे एवं एक आलीशान घरों में किया गया। कुछ घरों को तो आसानी से अंदर से खोल दिया गया।
वहीं, एक आसीशान घर को काफी मशक्कत के बाद खोला गया। रेडलाइट इलाके में ऐसे आलीशान घरों को देखकर पुलिस भी अचंभित रह गई। हालांकि किसका घर था और कौन इसके स्वामी हैं और किसे किराया पर दिया गया। इस सभी का भी पड़ताल की जा रही है।
महिला को किराए का घर दिखा गृहस्वामी हो जाते मुक्त
छापेमारी हुए ऐसे घरों के गृहस्वामी इस धंधा में संलिप्त रहते हैं। लेकिन ऐसे घरों का सत्यापन करना पुलिस के लिए मुश्किल हो जाता कि गृहस्वामी इस धंधे में संलिप्त है कि नहीं।
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अक्सर छापेमारी में यह सामने आता है कि किसी महिला को वह किराए पर दिए हुए है, लेकिन वहां क्या हो रहा है इसे वह नहीं जानने की बात से मुकर जाता है। नतीजा है कि हर बार किसी मुख्य सरगना पर कार्रवाई नहीं हो पाती है।