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    सहरसा: बेंगलुरु जा रहे युवक की ट्रेन हादसे में मौत, घर पहुंचा शव तो पसरा मातम

    Updated: Wed, 08 Jul 2026 11:14 AM (GMT+05:30)

    बेंगलुरु मजदूरी करने जा रहे सिमरीबख्तियारपुर के युवक मोहम्मद जफर उर्फ बाबुल की तेलंगाना के खम्मम रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। ...और पढ़ें

    रोते बिलखते स्वजन। फोटो जागरण

    रोते बिलखते स्वजन। फोटो जागरण

    HighLights

    1. बेंगलुरु जा रहे युवक जफर की ट्रेन से कटकर मौत।

    2. शव घर पहुंचते ही परिवार में मचा कोहराम, मातम।

    3. दिसंबर में होने वाली शादी की खुशियां मातम में बदलीं।

    संवाद सूत्र, सिमरीबख्तियारपुर (सहरसा)। बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के रायपुरा पंचायत अंतर्गत बलहमपुर वार्ड संख्या-3 में बुधवार की सुबह उस समय चीख-पुकार मच गई, जब बेंगलुरु मजदूरी करने जा रहे युवक का शव उसके घर पहुंचा। शव के गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में मातम पसर गया।

    स्वजनों की चीत्कार सुनकर आसपास के ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर किसी की आंखें नम थीं और लोग इस दर्दनाक घटना की चर्चा करते नजर आए। परिवार के इकलौते कमाऊ बेटे की मौत ने पूरे घर को गहरे सदमे में डाल दिया है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार बलहमपुर निवासी मु. कपिल आलम के बड़े पुत्र मु. जफर उर्फ बाबुल गत शुक्रवार को गांव से अपने अन्य साथियों के साथ रोजी-रोटी की तलाश में बेंगलुरु के लिए निकले थे।

    घर से निकलते समय स्वजनों ने उन्हें सकुशल लौटने की दुआओं के साथ विदा किया था। परिवार को उम्मीद थी कि वह बाहर रहकर मजदूरी करेगा और घर की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाएगा। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

    Saharsa Youth

    (मृतक जफर की फाइल फोटो। सौ- स्वजन)

    स्वजनों ने बताया कि मु. जफर शुक्रवार को सिमरीबख्तियारपुर से राज्यरानी एक्सप्रेस ट्रेन पकड़कर पटना पहुंचे थे। वहां से वह विशेष ट्रेन के माध्यम से बेंगलुरु जा रहे थे। इसी दौरान रविवार को तेलंगाना के खम्मम रेलवे स्टेशन पर वह ट्रेन की चपेट में आ गए।

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    हादसा इतना भीषण था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों एवं रेल पुलिस ने तत्काल उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव स्वजनों को सौंप दिया गया।

    मु. जफर परिवार के सबसे बड़े पुत्र थे। उनके परिवार में माता-पिता, दो बहनें तथा अन्य सदस्य हैं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में वह पिता का हाथ बंटाते थे। उनकी असामयिक मौत से स्वजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

    घटना की सूचना मिलते ही गांव के लोग लगातार परिवार के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त करते रहे। वही मुखिया राजकुमार चौधरी व अन्य लोगों ने मुआवजे की मांग की है।

    शव पहुंचते ही फूट पड़ा परिवार का दर्द

    बुधवार की सुबह जैसे ही एंबुलेंस से शव गांव पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया। मां अपने बेटे के शव से लिपटकर बार-बार बेसुध हो जा रही थीं, जबकि पिता की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।

    दादी एवं अन्य स्वजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों की चीख-पुकार सुन आसपास के लोगों की आंखें भी भर आईं। गांव के लोगों ने बताया कि जफर मिलनसार और मेहनती स्वभाव का युवक था, इसलिए उसकी मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है।

    शादी की तैयारियों के बीच आई दर्दनाक खबर

    परिजनों ने बताया कि मु. जफर की शादी अररिया जिले में तय हुई थी। बीते सप्ताह ही तिलक की रस्म संपन्न हुई थी और घर में शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं। आगामी दिसंबर में विवाह होना था। प

    रिवार शादी की खरीदारी और अन्य तैयारियों की योजना बना रहा था। लेकिन बेंगलुरु जाने के दौरान हुए इस हादसे ने परिवार की सारी खुशियां छीन लीं। जिस घर में कुछ महीने बाद शहनाई बजनी थी, वहां अब मातम पसरा है। रिश्तेदार और गांव के लोग भी इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं।

    रोजगार की तलाश में गए बेटे की लौटी अर्थी

    ग्रामीणों ने बताया कि गांव के कई युवा रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में मजदूरी करने जाते हैं। मु. जफर भी बेहतर रोजगार और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से साथियों के साथ बेंगलुरु जा रहे थे।

    किसी ने नहीं सोचा था कि मेहनत-मजदूरी करने निकला युवक जिंदा लौटने के बजाय ताबूत में गांव पहुंचेगा। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

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