Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    सुपौल में तकनीकी शिक्षा को मिली नई उड़ान, पॉलिटेक्निक कॉलेज को AICTE की मंजूरी; 360 सीटों के लिए जल्द होंगे आवेदन

    Updated: Sun, 31 May 2026 04:26 AM (IST)

    सुपौल के राधेश्याम इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन को AICTE से 2026-27 सत्र के लिए मंजूरी मिल गई है, जिससे जिले में तकनीकी शिक्षा का नया केंद्र स्थापित हो ...और पढ़ें

    collage student।File Photo

    collage student।File Photo

    HighLights

    1. राधेश्याम इंस्टीट्यूट को AICTE से मिली मंजूरी।

    2. 360 सीटों पर विभिन्न डिप्लोमा कोर्स उपलब्ध।

    3. छात्रों को मिलेगा स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड लाभ।

    जागरण संवाददाता, सुपौल। कोसी क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राधेश्याम इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्वीकृति प्राप्त हो गई है। इस मंजूरी के साथ ही सुपौल जिला आधुनिक तकनीकी शिक्षा के नए केंद्र के रूप में उभरने की ओर अग्रसर हो गया है।

    अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा जारी स्वीकृति पत्र के अनुसार संस्थान को विभिन्न तकनीकी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के संचालन की अनुमति प्रदान की गई है। संस्थान में वर्तमान शैक्षणिक सत्र से छात्रों के लिए रोजगारोन्मुखी एवं आधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रमों में नामांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

    टेस्ट के जरिए होगा एडमिशन

    पॉलिटेक्निक कॉलेज में कुल 360 सीटों पर नामांकन होगा। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) में 30 सीटें, सिविल इंजीनियरिंग में 120 सीटें, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में 60 सीटें, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 60 सीटें, ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) टेक्नोलाजी में 30 सीटें तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 60 सीटों की मंजूरी प्रदान की गई है।

    नामांकन से पहले राज्य तकनीकी शिक्षा बोर्ड, बिहार पटना द्वारा विद्यार्थियों का टेस्ट लिया जायेगा। विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ईवी टेक्नोलॉजी जैसे भविष्य की मांग वाले क्षेत्रों में पाठ्यक्रमों की शुरुआत को क्षेत्र के युवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

    खबरें और भी

    वर्तमान समय में देश और दुनिया में इन क्षेत्रों में प्रशिक्षित तकनीकी विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर इन विषयों की पढ़ाई उपलब्ध होने से छात्रों को बेहतर करियर अवसर प्राप्त होंगे।

    अब तक कोसी क्षेत्र के हजारों छात्रों को तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के लिए पटना, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था।

    आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त बोझ साबित होता था, लेकिन अब सुपौल में ही गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उपलब्ध होने से छात्रों का समय और खर्च दोनों बचेंगे तथा स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा।

    शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने इस उपलब्धि को सुपौल एवं पूरे कोसी क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताया है। उनका मानना है कि यह संस्थान आने वाले वर्षों में क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से मिलेगी 4 लाख तक की सहायता

    राधेश्याम इंस्टीट्यूट आफ हायर एजुकेशन में पॉलिटेक्निक पाठ्यक्रमों में नामांकन लेने वाले छात्र-छात्राओं के लिए राहत भरी खबर यह है कि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आर्थिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि बिहार सरकार की बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत छात्रों को 04 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    आर्थिक रूप से कमजोर एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्र भी बिना किसी चिंता के पॉलिटेक्निक पाठ्यक्रमों में नामांकन लेकर अपने भविष्य को नई दिशा दे सकेंगे। संस्थान के चेयरमैन डॉ. राधेश्याम यादव ने कहा कि कोसी क्षेत्र के हजारों प्रतिभाशाली छात्र केवल आर्थिक अभाव के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं।

    बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के जुड़ने से अब विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता मिलेगी और वे अपने जिले में रहकर ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

    पॉलिटेक्निक कॉलेज के संस्थापक डॉ. राधेश्याम यादव ने कहा कि यह केवल संस्थान की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे कोसी क्षेत्र के छात्रों और अभिभावकों का सपना साकार होने जैसा है।

    उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे आधुनिक उद्योगों और तकनीकी क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकें।

    उन्होंने भरोसा जताया कि संस्थान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधनों और अनुभवी शिक्षकों के माध्यम से तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करेगा।

    उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि सुपौल में शिक्षा से जुड़े सभी प्रकार की पढ़ाई होनी चाहिए। कहा कि जल्द ही मेडिकल एवं ला की पढ़ाई शुरू होगी।

    यह भी पढ़ें- बिहार में 1 जून से महंगा होगा बस का सफर, BSRTC ने 5 साल बाद बढ़ाया किराया; नई रेट लिस्ट जारी  

    यह भी पढ़ें- चारधाम हेली बुकिंग धोखाधड़ी: बिहार से दो जालसाज गिरफ्तार, लाखों की ठगी का खुलासा