पश्चिमी चंपारण में आज से शुरु होगी जनगणना, 750 घरों पर एक कर्मी; पूरी तरह डिजिटल होगी प्रक्रिया
बेतिया जिले में 16 साल बाद जनगणना बुधवार से शुरू हो रही है, जो दो चरणों में होगी। पहले चरण में घरों की गिनती सितंबर तक चलेगी, जबकि दूसरा चरण फरवरी-मार ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, बेतिया। जिले में जनगणना बुधवार से शुरू होगी। यह 16 वर्षो के बाद शुरू हो रही है। इसे दो चरणों की जानी है, जिसमें पहले चरण में घरों की संख्या की गिनती होगी, जबकि दूसरे चरण में जनगणना होगी। इसके लिए 750 घरों पर एक प्रगणक की प्रतिनियुक्ति की गई है। काम बेहतर ढंग से हो, इसके लिए 6 प्रगणक पर एक पर्यवेक्षक लगाए गए हैं।
गणना की मॉनिटरिंग के लिए 17 प्रखंडों के बीडीओ एवं नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी एवं बेतिया नगर आयुक्त को चार्ज अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा 125 फील्ड ट्रेनर को भी लगाया गया है। पहले ही उनकी आईडी भी जेनरेट करने के साथ-साथ प्रशिक्षण दिया गया है। ताकि उनके क्षेत्राधीन में होने वाली जनगणना बेहतर एवं सुव्यवस्थित तरीके संपन्न कराया जा सके।
पेपरलेस होगी जनगणना
जनगणना पेपरलेस होगी। इसको लेकर एप कार्य करेगा, जहां स्व गणना का विकल्प मौजूद रहेगा, वहां के लोगों से हिंदी, अग्रेजी सहित 16 भाषाओं में आंकड़ा एकत्र कर सेंट्रल सर्वर तक सीधे भेजने की सुविधा होगी।
पहले चरण के तहत घरों की गणना बुधवार से शुरू होगी, जो सितंबर माह तक चलेगी। इसमें मकानों के आंकड़े जुटाए जाएंगे। उसके बाद दूसरा चरण फरवरी 2027 से शुरू होकर मार्च तक चलेगा। यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी।
जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने से पूर्व सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। सभी चार्ज अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हें। साथ ही कहा गया है कि गणना में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और न ही एक भी घर छुटना चाहिए।
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मकानों की गणना में 32 प्रकार के पूछे जाएंगे सवाल
मकानों की गणना में अधिकारियों को जिन बातों को ध्यान में रखना है,उसमें फर्श में प्रयुक्त सामग्री,दीवार में प्रयुक्त सामग्री, छत में प्रयुक्त सामग्री क्या-क्या लगी है। साथ ही जनगणना मकान का उपयोग रहने के लिए, दुकान, गोदाम आदि, उसकी स्थिति अच्छी है या खराब,परिवार की बुनियादी जानकारी, जिसमें कितने व्यक्तियों की है।
परिवार के मुखिया का नाम, मुखिया का लिंग, मुखिया एससी,एसटी या अन्य, मकान के स्वामित्व की स्थिति स्वयं का, किराए का, सरकारी आदि है।
इसके अलावा परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या, परिवार में रहने वाले विवाहित दंपत्तियों की संख्या, पेयजल का मुख्य स्रोत, उपलब्धता घर में, बाहर, दूरी आदि, प्रकाश बिजली, लालटेन, सोलर, शौचालय की सुलभता, प्रकार फ्लश, पिट, कोई नहीं, गंदे पानी की निकासी, स्नानगृह की उपलब्धता, लैपटॉप, कंप्यूटर, टेलीफोन, मोबाइल फोन, स्मार्ट फोन, साइकिल, स्कूटर, बाइक, मोपेड, कार, जीप, वैन की भी जानकारी ली जाएगी।