8th Pay Commission: पेंशनभोगियों की मौज! अब हर 3 महीने में बढ़ेगा DA? सरकार के सामने रखी गई ये बड़ी मांग
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग ने दूसरे चरण की बैठकें शुरू कर दी हैं, जिसमें भारत पेंशनर्स समाज (BPS) ने हर 3 महीने में महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाने क ...और पढ़ें

8th Pay Commission: पेंशनभोगियों की मौज! अब हर 3 महीने में बढ़ेगा DA? सरकार के सामने रखी गई ये बड़ी मांग
HighLights
भारत पेंशनर्स समाज ने तिमाही आधार पर DA बढ़ोतरी की मांग की।
25% DA होने पर इसे बेसिक पे में मर्ज करने का सुझाव।
पेंशनभोगियों के बीच पेंशन रिवीजन में भेदभाव खत्म करने की मांग।
नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) ने दूसरे चरण के लिए बैठकों का दौर शुरू कर दिया है, और 10 अगस्त तक बैठक दिल्ली में होने वाली है। इसके बाद आयोग देश के अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग कर्मचारी संगठनों से मुलाकात करके, उनके सुझाव लेगा।
ऐसे में 9 अगस्त 2026 को हुई बैठक के बाद अब DA (Dearness Allowance) को लेकर एक खबर सामने आई। कर्मचारी संगठन ने आयोग के सामने डीए को लेकर खास मांग रखी, जिसके बाद करोड़ो पेंशनर्स और कर्मचारियों को इसका फायदा मिल सकता है। तो आइए जानते हैं कि डीए से जुड़ी ये मांग क्या है और किसने इसे आयोग के सामने रखा।
DA को लेकर क्या मांग रखी गई?
भारत पेंशनर्स समाज यानी कि BPS ने आयोग के सामने डीए को लेकर मांग उठाई। तय नियम के हिसाब सरकार साल में 2 बार, यानी कि हर 6 महीने में डीए में इजाफा करती है। लेकिन BPS की मांग की सरकार हर साल 4 बार, यानी कि हर 3 महीने डीए में बढ़ोतरी करे।
संगठन का तर्क है कि महंगाई हर महीने बढ़ती है, इसलिए पेंशनर्स को राहत भी उसी हिसाब से जल्दी मिलनी चाहिए। भारत पेंशनर्स समाज के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी एसोसिएशन ने तिमाही आधार पर डीए रिवीजन का सुझाव दिया हो।
खबरें और भी
BPS ने न सिर्फ डीए को लेकर, बल्कि कई और चीजों के लेकर भी अपनी मांगें, आयोग के सामने रखी हैं:
1. बेसिक पे में डीए का मर्जर
पेंशनर्स एसोसिएशन ने ये भी मांग की है कि जैसे ही महंगाई भत्ता (DA/DR) बढ़कर 25% पर पहुंचे, उसे तुरंत बेसिक पे (या बेसिक पेंशन) में मर्ज कर दिया जाए। इससे पेंशनर्स की मूल पेंशन में सीधा उछाल देखने को मिलेगा और आगे का कैलकुलेशन भी बेहतर तरीके से हो पाएगा।
2. पेंशनर्स में भेदभाव खत्म हो
BPS ने अपनी बात रखते हुए ये भी जोर दिया कि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए पेंशनर्स और उसके बाद रिटायर होने वाले पेंशनर्स के बीच किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। दोनों के बीच पेंशन रिवीजन में पूरी समानता होनी चाहिए ताकि पुराने पेंशनर्स को भी इसका पूरा फायदा मिले।
क्या है भारत पेंशनर्स समाज (BPS)?
मालूम हो कि 'भारत पेंशनर्स समाज' देश का एक बहुत पुराना और रजिस्टर्ड संगठन है, जिसकी स्थापना साल 1955 में हुई थी। इस संगठन से देशभर के करीब 10 लाख पेंशनर्स जुड़े हुए हैं और भारत में इसकी 245 शाखाएं, अलग-अलग शहरों में काम करती हैं। ये संगठन पेंशनर्स की समस्याओं को सुनकर, उन्हें सरकार के सामने मजबूती से रखता है।
कहां तक पहुंचा आयोग का काम?
आयोग ने अपने दूसरे चरण के बैठकें शुरू कर दी हैं। 10 अगस्त 2026 को आयोग दिल्ली में बैठक खत्म करेगा और फिर उसके बाद 31 अगस्त और 1 सितंबर 2026 को आयोग जयपुर में बैठक करेगा। वहीं जयपुर के बाद आयोग चेन्नई, पुडुचेरी और चंडीगढ़ में बैठकें करने वाला है।
मालूम हो कि आयोग ने सरकार से लगभग 17 महीनों का समय मांगा था, और 9 महीने पहले ही पूरे हो चुके हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि आयोग 2027 मार्च-अप्रैल तक आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा, जिसके बाद केंद्र सरकार फाइनल एलान कर पाएगी।