₹47000 करोड़ लेकर अमेरिका क्यों पहुंचे वेदांता वाले अनिल अग्रवाल? भारत को दी चेतावनी, बोले- 'अब भी नहीं जागे तो...'
Anil Agarwal America Investment: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अमेरिका में ₹47000 करोड़ के निवेश की घोषणा की, वहां की कार्य संस्कृति की प्र ...और पढ़ें

₹47000 करोड़ लेकर अमेरिका क्यों पहुंचे वेदांता वाले अनिल अग्रवाल? भारत को दी चेतावनी, बोले- 'अब भी नहीं जागे तो...'

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली| "मैं ₹47000 करोड़ लेकर अमेरिका पहुंचा हूं... क्योंकि वहां काम करने की आजादी और तेजी है।" वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal Vedanta) का यह बयान भारत के लिए सीधा संदेश माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब वक्त है तेजी से फैसले लेने का, वरना मौका हाथ से निकल सकता है।
US की तारीफ में क्या बोले अनिल अग्रवाल?
अमेरिकी स्टेट टेक्सास के ह्यूस्टन (Vedanta Houston Investment) में हुए ग्लोबल एनर्जी इवेंट सेरावीक (Anil Agarwal CERAWeek) से लौटने के बाद अग्रवाल ने साफ कहा कि,
अमेरिका में जो चीज सबसे अलग है, वो है- काम करने की आजादी और तुरंत एक्शन लेने का माइंडसेट। उनका मानना है कि अगर भारत अमेरिका जैसा मॉडल अपनाए, तो देश अपनी पूरी ऊर्जा जरूरत खुद पूरी कर सकता है।
"हम तेजी से करना चाहते हैं विस्तार"
अनिल अग्रवाल ने कहा कि,
वेदांता ग्रुप अमेरिका में करीब 5 बिलियन डॉलर (करीब ₹47000 करोड़) निवेश करने की तैयारी (Vedanta 5 Billion Dollar Investment) के साथ गया है। यह पैसा सर्विसेज, ड्रिलिंग, टेक्नोलॉजी और नए पार्टनरशिप में लगाया जाएगा। हमारी कंपनी दुनिया के बड़े टेक्नोलॉजी लीडर्स और इंडस्ट्री प्लेयर्स के साथ मिलकर तेजी से विस्तार करना चाहती है।"
"भारत के पास संसाधनों की कमी नहीं"
भारत को लेकर उनका नजरिया साफ है कि,
"देश के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। खनिज, तेल और गैस के बड़े भंडार हैं, साथ ही टैलेंट भी भरपूर है। जरूरत है तो सिर्फ सही सोच और तेजी से फैसले लेने की।"
उन्होंने यह भी कहा कि पहले प्राकृतिक संसाधनों के इस्तेमाल को नकारात्मक नजर से देखा जाता था, लेकिन अब समय बदल चुका है। विकास और स्थिरता के लिए इन संसाधनों का इस्तेमाल जरूरी है।
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एनर्जी को लेकर भारत को दी सलाह
नीतिगत मोर्चे पर उन्होंने सरकार की तारीफ की और कहा कि माहौल पहले से ज्यादा बिजनेस फ्रेंडली हुआ है। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि भारत को भी सेरावीक जैसे बड़े एनर्जी इवेंट की मेजबानी करनी चाहिए, ताकि दुनिया देश की क्षमता को करीब से देख सके। वेदांता के ऑयल और गैस बिजनेस को लेकर अग्रवाल ने बड़ा लक्ष्य भी रखा है।
उन्होंने कहा कि कंपनी आने वाले सालों में 1 मिलियन बैरल प्रोडक्शन का टारगेट हासिल करना चाहती है और तेजी से विस्तार करेगी। आखिर में उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य उसी का है जो तुरंत कदम उठाता है। भारत के पास मौका है, लेकिन अब देरी की गुंजाइश नहीं है।