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    'गोबरधन' स्कीम को मोदी सरकार ने दी मंजूरी, क्या फायदे और कब से शुरू होगी यह योजना? जानिए सबकुछ

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 04:35 PM (IST)

    केंद्र सरकार ने 23,731 करोड़ रुपये के बजट के साथ 'गोबरधन' योजना को मंजूरी दी है, जिसका लक्ष्य घरेलू कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) उत्पादन को दस गुना बढ़ाना ...और पढ़ें

    गोबरधन स्कीम को केंद्र सरकार ने दी मंजूरी।

    गोबरधन स्कीम को केंद्र सरकार ने दी मंजूरी।

    HighLights

    1. केंद्र सरकार ने 23,731 करोड़ रुपये की गोबरधन योजना को मंजूरी दी।

    2. स्कीम से घरेलू कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन में दस गुना वृद्धि करना है लक्ष्य।

    3. यह योजना ग्रामीण आय, स्वच्छ ऊर्जा और वेस्ट मैनेजमेंट को बढ़ावा देगी।

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बायोगैस प्रोडक्शन के लिए गोबरधन स्कीम (GOBARdhan Scheme) को मंजूरी दे दी दी है। कैबिनेट ने 23,731 करोड़ रुपये के बजट के साथ कम्प्रेस्ड बायोगैस के लिए भारत की नेशनल यूनिफाइड स्कीम 'गोबरधन' को स्वीकृति दी है। यह योजना घरेलू CBG उत्पादन में लगभग दस गुना बढ़ोतरी करेगी और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करेगी।

    माना जा रहा है कि केंद्र सरकार 10 अगस्त को 'विश्व जैव-ईंधन दिवस' पर 'संपूर्ण गोबरधन योजना' शुरू कर सकती है। इस योजना का मकसद CBG (कंप्रेस्ड बायोगैस) के लिए बेहतर और ज्‍यादा खरीद कीमतें और नए प्रोजेक्ट्स के लिए ज्यादा कैपिटल सब्सिडी देकर CBG प्रोडक्शन को तेजी से बढ़ाना है।

    क्या है GOBARdhan स्कीम?

    GOBARdhan (गैल्वनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्सेज धन) योजना भारत सरकार की एक पहल है, जिसे 2018 में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शुरू किया गया था। यह योजना ग्रामीण आय बढ़ाने, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और गांवों में सफाई बनाए रखने के लिए मवेशियों के गोबर, खेती के अवशेष और जैविक कचरे को बायोगैस, कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) और जैविक खाद में बदलती है।

    सरकार की ओर से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, गोबरधन (GOBARdhan) भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा में एक अहम पड़ाव है। यह देश में बड़ी मात्रा में मौजूद कृषि अवशेषों, पशुओं के गोबर, प्रेस मड, शहरी जैविक कचरे और अन्य बायोमास संसाधनों को स्वच्छ ईंधन, जैविक खाद, ग्रामीण आय और राष्ट्रीय आर्थिक मूल्य में बदल देगा। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2035-36 तक लागू की जाएगी और कंप्रेस्ड बायोगैस को भारत के भविष्य के एनर्जी मिक्स का एक मुख्य आधार बनाएगी।

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    क्या है योजना का मकसद?

    सरकार के अनुसार, पक्की मांग, अच्छी और स्थिर कीमत, पूंजी में मदद, पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर, क्रेडिट सपोर्ट और टेक्नोलॉजी के विकास के ज़रिए, GOBARdhan भारत के CBG सेक्टर को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिए ज़रूरी मज़बूत और भरोसेमंद ढांचा तैयार करेगा।

    इस स्कीम का मकसद देश में घरेलू कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) के उत्पादन को लगभग दस गुना बढ़ाना, बड़े पैमाने पर प्राइवेट इन्वेस्टमेंट जुटाना और पूरे देश में एक मज़बूत सर्कुलर बायो-इकोनॉमी बनाना है।

    भारत में ट्रांसपोर्ट, घरों, इंडस्ट्री और कमर्शियल सेक्टर में नेचुरल गैस की मांग बढ़ रही है। CBG घरेलू स्तर पर रिन्यूएबल प्रोडक्शन के ज़रिए इस बढ़ती मांग का एक बड़ा हिस्सा पूरा कर सकता है, जिससे एनर्जी के मामले में मज़बूती आएगी और इम्पोर्ट किए जाने वाले फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता कम होगी।

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    कैसे होगा CBG का इस्तेमाल?

    CNG में आने वाले समय में बायोगैस मिलाई जाएगी, और यह CBG यानी कंप्रेस्‍ड बायोगैस होगी। इसके लिए बड़े पैमाने पर बायोगैस की जरूरत होगी और इसी जरूरत को पूरा करने के लिए देश में 600 से 700 नए बायोगैस प्‍लांट स्‍थापित किए जाएंगे।

    सोर्स - PIB प्रेस रिलीज