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    100% टैरिफ की आहट से पहले ही US को चीन ने दिया मुंहतोड़ जवाब, 6 कंपनियों पर गिराई गाज; ड्रोन निर्यात किया सख्त

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 01:28 PM (GMT+05:30)

    अमेरिका में रूस से तेल आयात पर 100% टैरिफ के बिल के जवाब में चीन ने कई अमेरिकी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं। चीन ने 6 अमेरिकी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट ...और पढ़ें

    चीन ने 6 अमेरिकी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए, ड्रोन निर्यात पर सख्ती।

    चीन ने 6 अमेरिकी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए, ड्रोन निर्यात पर सख्ती।

    HighLights

    1. अमेरिका के 100% टैरिफ बिल के जवाब में चीन का पलटवार।

    2. चीन ने 6 अमेरिकी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए, ड्रोन निर्यात पर सख्ती।

    3. उइगर जबरन श्रम कानून के तहत अमेरिकी प्रतिबंधों का जवाब।

    नई दिल्ली। अमेरिका में एक नया बिल पेश हुआ है। यह बिल उन देशों पर ट्रंप सरकार को 100% टैरिफ लगाने की छूट देगा, जो भारी मात्रा में रूस से कच्चा तेल आयात करते हैं। इसमें चीन और भारत प्रमुख रूप से शामिल है। हालांकि, अभी यह बिल पास नहीं हुआ है। ऐसे में 100% टैरिफ की आहट से पहले ही चीन ने अमेरिका को बड़ा झटका दिया है। चीन ने कई अमेरिकी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाया है और ड्रोन सप्लाई चेन पर निर्यात प्रतिबंधों को कड़ा कर दिया है।

    चीन ने यह कदम पलटवार के रूप में उठाया है, जिसमें अमेरिका ने 'उइगर फोर्स्ड लेबर प्रिवेंशन एक्ट' के तहत 'एंटिटी लिस्ट' में 43 चीनी कंपनियों को शामिल किया। यह इस लिस्ट का अब तक का सबसे बड़ा विस्तार है, जिससे ब्लैकलिस्ट की गई कंपनियों की कुल संख्या 187 हो गई है। इस कदम से इन कंपनियों के सामान के U.S. में आने पर रोक लग गई है।

    इन कंपनियों का काम खाने-पीने की चीजों और कपास से लेकर दवाइयों, धातुओं और लिथियम के उत्पादन तक फैला है। बीजिंग ने शिनजियांग में जबरदस्ती मजदूरी कराने के आरोपों को बार-बार नकारा है।

    चीन ने अमेरिका पर किया पलटवार

    चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने बुधवार को घोषणा की कि उसने अमेरिकी प्रतिबंधों के जवाब में 6 अमेरिकी संस्थाओं को शामिल किया जिसके तहत चीनी संस्थाओं और व्यक्तियों को उनके साथ सहयोग करने से रोक दिया गया है। मंत्रालय ने इन संस्थाओं पर चीन के पश्चिमी शिनजियांग उइगुर स्वायत्त क्षेत्र से जुड़े अमेरिकी प्रतिबंधों में मदद करने का आरोप लगाया और उनके व्यवहार को बेहद गंभीर बताया।

    अमेरिकी कंपनी 'कम्प्लायंस टेस्टिंग LLC' को जवाबी कार्रवाई वाली सूची में सातवीं अमेरिकी कंपनी के तौर पर शामिल किया गया है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार इस कंपनी ने अमेरिकी फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) को ऐसे उपाय लागू करने में मदद की थी, जिनसे चीन की संप्रभुता, सुरक्षा और विकास के हितों को खतरा है।

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    मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि निर्यात नियंत्रण के तहत अमेरिका को भेजे जाने वाले ड्रोन, उनके मुख्य पुर्जों और संबंधित तकनीकों की हर खेप की सख्ती से और हर मामले की अलग-अलग जांच की जाएगी। ये उपाय तुरंत लागू होंगे। मंत्रालय ने इसके पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने और परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने (non-proliferation) से जुड़ी चीन की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की जरूरत का हवाला दिया।

    चीन ने शुरू की जांच

    इसके अलावा, कॉमर्स मिनिस्ट्री ने विदेशों में बने सॉफ्टवेयर वाले इम्पोर्टेड प्रिंटिंग और कॉपीिंग ऑफिस इक्विपमेंट के मामले में नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ी जांच शुरू की है। प्रिंटिंग सॉफ्टवेयर सेक्टर में माइक्रोसॉफ्ट और HP जैसी अमेरिकी टेक कंपनियां बड़ी भूमिका निभाती हैं।

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