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अनिल अंबानी की Reliance Power के नतीजे आ गए, मुनाफे में 45% का आया भारी उछाल; लेकिन कर्ज की चुनौतियां बरकरार

By Jagran BusinessEdited By: Gyanendra Tiwari
Published: Thu, 06 Aug 2026 08:48 PM (IST)

रिलायंस पावर ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में ₹6,471 लाख का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले साल से 45% अधिक है।

रिलायंस पावर का Q1 शुद्ध लाभ 45% बढ़ा।

रिलायंस पावर का Q1 शुद्ध लाभ 45% बढ़ा।

HighLights

  1. रिलायंस पावर का Q1 शुद्ध लाभ 45% बढ़ा।

  2. कंपनी पर कर्ज और कानूनी जांच का दबाव जारी।

  3. सहायक कंपनी के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया शुरू हुई।

नई दिल्ली। Reliance Power Q1 Result: अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी रिलायंस पावर लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी द्वारा स्टॉक एक्सचेंज (BSE/NSE) को दी गई आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, इस तिमाही में कंपनी के मुनाफे और आय दोनों में सकारात्मक वृद्धि देखी गई है। हालांकि, कंपनी के ऊपर कर्ज का दबाव और विभिन्न जांच एजेंसियों की कार्रवाई अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

मुनाफे और आय में सुधार

रिलायंस पावर द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated Net Profit) ₹6,471 लाख रहा। पिछले साल की इसी तिमाही (जून 2025) में यह मुनाफा ₹4,468 लाख था। इस प्रकार मुनाफे में करीब 45% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई है।

कंपनी की कुल आय में भी बढ़ोतरी हुई है। इस तिमाही में कुल आय ₹2,10,375 लाख रही, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹2,02,531 लाख थी।

कर्ज और कानूनी पेचदगियां

रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी की सहायक कंपनी सामलकोट पावर लिमिटेड (SMPL) के एक ऋणदाता ने ₹1,84,196 लाख की मांग करते हुए रिलायंस पावर के खिलाफ कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) शुरू करने के लिए आवेदन किया है। हालांकि, कंपनी का प्रबंधन इस मामले में कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है और संपत्ति की बिक्री (Asset Monetization) के जरिए कर्ज चुकाने की योजना बना रहा है।

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इसके अलावा, कंपनी और उसके कुछ अधिकारी प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई (CBI) की जांच के दायरे में हैं। ED ने कंपनी की कुछ संपत्तियों को भी कुर्क किया है। साथ ही, सेबी (SEBI) द्वारा नियुक्त फॉरेंसिक ऑडिटर की जांच भी अभी जारी है।

वारंट और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

तिमाही के दौरान, कंपनी द्वारा जारी किए गए 34.32 करोड़ वारंट्स को समय सीमा के भीतर कन्वर्ट न कराए जाने के कारण रद्द कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, कंपनी ने इन वारंट्स के बदले प्राप्त ₹30,262 लाख की राशि को जब्त (Forfeit) कर लिया है।

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नोट- इस खबर को लिखने में AI की मदद ली गई है।

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(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)