तेल-गैस संकट के बीच अंडमान से भारत के लिए आई एक और खुशखबरी, मिला नेचुरल गैस का खजाना; हरदीप सिंह पुरी का एलान
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अंडमान सागर में प्राकृतिक गैस के नए भंडार की खोज की घोषणा की है। ऑयल इंडिया लिमिटेड द्वारा श्री विजयपुरम ...और पढ़ें

अंडमान सागर में प्राकृतिक गैस के नए भंडार की खोज। (तस्वीर प्रतिकात्मक और AI जेनरेटेड है)
HighLights
अंडमान सागर में प्राकृतिक गैस के नए भंडार की खोज।
ऑयल इंडिया लिमिटेड ने श्री विजयपुरम-3 कुएं में की खोज।
भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा।
नई दिल्ली। वर्तमान समय में दुनिया ऊर्जा संकट का सामना कर रही है। भारत में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। तेल-गैस की कीमतों में उछाल के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने घोषणा की है कि अंडमान सागर में एक नए स्थान पर प्राकृतिक गैस के भंडार (natural gas discovery in Andaman Sea) का पता चला है। इस खोज को भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह खोज ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) द्वारा अंडमान द्वीप समूह के पूर्वी तट से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित श्री विजयपुरम-3 नामक खोजी कुएं में की गई है। यह कुआं करीब 355 मीटर गहरे समुद्री क्षेत्र में खोदा गया था। शुरुआती परीक्षणों में यहां प्राकृतिक गैस की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।
पेट्रोलियम मंत्री ने दी जानकारी
हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह भारत के समुद्री तेल और गैस अन्वेषण कार्यक्रम के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि करीब 1,900 मीटर से अधिक गहराई में किए गए परीक्षणों के दौरान लगातार गैस फ्लेयरिंग देखी गई, जिससे प्राकृतिक गैस की उपस्थिति प्रमाणित हुई।
Congratulations @OilIndiaLimited !
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) June 5, 2026
An ocean of energy opportunities reinforced in the Andaman Sea!
Very happy to report the presence of natural gas in Sri Vijayapuram-3 an exploratory well drilled by Oil India Ltd. 15 km off the east coast of the Andaman Islands at a water… pic.twitter.com/j6QvWqZkFx
अंडमान बेसिन से लगातार मिल रही सफलता
यह खोज इसलिए भी खास है क्योंकि मौजूदा अभियान के तहत अंडमान बेसिन में खोदे गए तीन खोजी कुओं में से दो में अब तक हाइड्रोकार्बन की मौजूदगी मिल चुकी है। इससे यह उम्मीद और मजबूत हुई है कि अंडमान क्षेत्र में तेल और गैस के बड़े भंडार छिपे हो सकते हैं।
इससे पहले वर्ष 2025 में श्री विजयपुरम-2 कुएं में भी प्राकृतिक गैस मिलने की पुष्टि हुई थी। वहां मिली गैस में लगभग 87 प्रतिशत मीथेन पाया गया था। उस सफलता के बाद ही इस क्षेत्र में अन्वेषण गतिविधियों को और तेज किया गया।
खबरें और भी
विशेषज्ञों का मानना है कि अंडमान बेसिन की भूगर्भीय संरचना म्यांमार और इंडोनेशिया के उन क्षेत्रों से मिलती-जुलती है, जहां बड़े पैमाने पर तेल और गैस के भंडार मौजूद हैं। ऐसे में नई खोजें इस क्षेत्र की संभावनाओं को और बढ़ा रही हैं।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगा बल
भारत अपनी तेल और गैस जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में घरेलू स्तर पर प्राकृतिक गैस और तेल के नए स्रोत मिलने से आयात पर निर्भरता कम हो सकती है। इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी।
ऑयल इंडिया अब इस गैस भंडार का विस्तृत अध्ययन करेगी। कंपनी गैस के नमूने एकत्र कर उसकी गुणवत्ता, संरचना और ऊर्जा क्षमता का परीक्षण करेगी। साथ ही वैज्ञानिक यह भी पता लगाएंगे कि यह गैस किस प्रकार बनी और इसका व्यावसायिक उपयोग किस स्तर तक संभव है।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि अंडमान क्षेत्र में आगे भी कई नए खोजी कुएं खोदे जाएंगे। यह पूरी प्रक्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए समुद्र मंथन मिशन’ का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारत के समुद्री क्षेत्रों में छिपे ऊर्जा संसाधनों की खोज करना है।