अब इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन इंडेक्स की तरह आएगा सेवा उत्पादन सूचकांक, 14 जुलाई को जारी होंगे आंकड़े
सांख्यिकी विभाग 14 जुलाई को पहली बार मासिक सेवा उत्पादन सूचकांक (आईएसपी) जारी करेगा, जो औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) की तर्ज पर होगा। यह सूचकांक ...और पढ़ें

आईएसपी 14 जुलाई को पहली बार जारी होगा।
HighLights
आईएसपी 14 जुलाई को पहली बार जारी होगा।
सेवा क्षेत्र जीडीपी में 50% से अधिक योगदान देता है।
यह आर्थिक गतिविधियों की निगरानी और नीति निर्माण में सहायक।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) की तरह अब सेवा उत्पादन सूचकांक (आईएसपी) को मासिक आधार पर जारी किया जाएगा। सांख्यिकी विभाग आगामी 14 जुलाई को पहली बार आईएसपी जारी करने जा रहा है।
देश के जीडीपी में सर्विस सेक्टर की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक है। सर्विस सेक्टर का निर्यात भी तेजी से बढ़ रहा है और अगले एक-दो साल में सर्विस सेक्टर का निर्यात वस्तु निर्यात को पार कर सकता है।
सर्विस सेक्टर के उत्पादन सूचकांक को तैयार करने में क्या-क्या शामिल होगा?
सर्विस सेक्टर के उत्पादन सूचकांक को तैयार करने के लिए एयर ट्रांसपोर्ट, रेलवे, अन्य ट्रांसपोर्ट, बैंकिंग और इंश्योरेंस सेक्टर के उत्पादन को मुख्य रूप से शामिल किया जाएगा। इस सूचकांक को तैयार करने में थोक व खुदरा व्यापार का जीएसटी आंकड़ा, संचार सेवा, रियल एस्टेट, सूचना व कंप्यूटर से जुड़ी सेवा, विभिन्न प्रकार के प्रोफेशनल्स उत्पादन, अनुसंधान व विकास से जुड़ी सेवा, मनोरंजन से जुड़ी सेवा को भी शामिल किया जाएगा। सांख्यिकी विभाग के मुताबिक आने वाले समय में इस सूचकांक में स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े उत्पादन भी शामिलक किए जाएंगे।
सरकारी सेवा जैसे कि सार्वजनिक प्रशासन व रक्षा, बैंकिंग व इंश्योरेंस को छोड़ अन्य वित्तीय सेवा, सामाजिक सेवा, व्यक्तिगत सेवा, जुआ और बाजी लगाने जैसी सेवाओं को सेवा सूचकांक में शामिल नहीं किया जाएगा। सूचकांक तैयार करने में सर्विस से जुड़ी मात्रा व मूल्य दोनों को ध्यान में रखा जाएगा।
रेलवे व हवाई यात्रा से जुड़ी सेवा उत्पादन का सूचकांक मात्रा आधारित होगा। जैसे कि प्रति किलोमीटर कितने यात्रियों ने यात्रा की। वहीं, अन्य सेवाओं के उत्पादन का सूचकांक उस सेवा के बदले मिलने वाले मूल्य से तय किया जाएगा। अनौपचारिक सर्विस सेक्टर को आईएसपी में शामिल नहीं किया जाएगा।
सर्विस सेक्टर का GDP में बढ़ता योगदान
सरकार का मानना है कि अर्थव्यवस्था में सर्विस सेक्टर का योगदान दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। आईएसपी की मदद से सर्विस सेक्टर के प्रदर्शन को तय समय में मापने में मदद मिलेगी। इससे आर्थिक गतिविधियों की निगरानी और उनसे जुड़ी नीति बनाने में मदद मिलेगी। आर्थिक विकास का बेहतर अनुमान लगाया जा सकेगा। मुख्य रूप से राष्ट्रीय लेखा, आर्थिक विभाग व मंत्रालय, अनुसंधान जैसे काम में आईएसपी से मदद मिलेगी।