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    पाकिस्तान में फिर महंगा हुआ आटा, व्यापारियों में मची चीख-पुकार; इस्लामाबाद और रावलपिंडी की कीमतें उड़ा देंगी होश!

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 12:50 PM (IST)

    पाकिस्तान में आटे और मैदे की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। कराची, इस्लामाबाद और रावलपिंडी जैसे शहरों म ...और पढ़ें

    पाकिस्तान में आटे की कीमतों में फिर उछाल आया (AI Image)

    पाकिस्तान में आटे की कीमतों में फिर उछाल आया (AI Image)

    नई दिल्ली| पाकिस्तान का जिक्र होते ही हमारे जेहन में कर्ज, गरीबी, महंगाई, और आटा ही सबसे पहले जेहन में आता है। पाकिस्तान लगातार आर्थिक संकटों का सामना करता आया है। पाकिस्तान से अक्सर खाने की चीजों की कीमत बढ़ने की खबरें आती रहती हैं। अब एक बार फिर वहां आटे की महंगाई बढ़ गई है। जुलाई के आखिरी सप्ताह के मुकाबले शुरुआती अगस्त में आटे और मैदे की कीमतों में उछाल आया है।

    कितना महंगा हुआ आटा?

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से लेकर कई देशों की मेन स्ट्रीम मीडिया तक Pakistan के मंहगे आटे की खबरें अक्सर चलती रहती हैं। अब पाकिस्तानी मीडिया Dawn के मुताबिक आटे और मैदे की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हुई है। 6 अगस्त तक के Sensitive Price Index के आंकड़ों के अनुसार, कराची में 20 किलो गेहूं के आटे, 10 किलो गेहूं के बोरे और एक किलो मैदे की कीमतों में अतिरिक्त वृद्धि हुई है। 30 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह में ये कीमतें क्रमशः 2,600-2,900 पाकिस्तानी रुपये, 1,160 रुपये और 149.46 रुपये थीं, जो अब बढ़कर 2,700-3,000 रुपये, 1,200 रुपये और 158.56 पाकिस्तानी रुपये हो गई हैं।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक 6 अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह में पाकिस्तान के कई शहरों में 20 किलो की बोरी वाले आटे की कीमत में औसतन 100 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। सेंसेटिव प्राइस इंडेक्स (SPI) में व्हीट फ्लोर की कीमत में हफ्ते-दर-हफ्ते करीब 0.52% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। वहीं फाइन फ्लोर (मैदा) की कीमतों में भी इसी अवधि में वृद्धि देखी गई। उदाहरण के लिए, कराची में 1 किलो फाइन फ्लोर की कीमतें बढ़कर में 158 रुपये के आसपास पहुंच गईं।

    इस्लामाबाद और रावलपिंडी में सबसे अधिक कीमत

    व्यापारियों का कहना है कि सरकार एक मिलियन (10 लाख टन) गेहूं के आयात से पहले गेहूं और आटे की बढ़ती कीमतों पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही है। अगर आयातित गेहूं आने से पहले सरकार कीमतों को कंट्रोल नहीं करती, तो उपभोक्ताओं को इस आयात से कोई खास फायदा नहीं मिलेगा।

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    इस्लामाबाद और रावलपिंडी में 10 किलो गेहूं की थैली का दाम सबसे ज्यादा Rs 1,339.31 है। इस वजह से 20 किलो आटे की थैली की कीमत Rs 3,040 से 3,133 तक पहुंच गई है। बारीक आटा (fine flour) का दाम Rs 173.68 प्रति किलो है, जो दूसरे शहरों की तुलना में काफी ज्यादा है। और आटा महंगा हो रहा है, खासकर इस्लामाबाद-रावलपिंडी में, और व्यापारियों ने सरकार से गुहार लगाई है कि आयात से पहले कीमतें काबू में लाना होगा नहीं तो आम आदमी को राहत नहीं मिलेगी।