यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पाकिस्तान की खस्ता हालत का एक और सबूत, कतर और अबू धाबी से PIA को खरीदने की गुजारिश
पाकिस्तान मंदी और नकदी की कमी का सामना कर रहा है। ऐसे में इसने देश के राष्ट्रीय एयरलाइन पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) को बेचने या निजीकरण करने का ...और पढ़ें

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान मंदी का सामना कर रहा है। ऐसे में अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए पाकिस्तान अपनी राष्ट्रीय विमानन कंपनी पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) को बेचने की कोशिश को तेजी कर दिया है। पिछले हफ्ते आई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस के निजीकरण के लिए केवल एक ही बोली मिली थी। यह बोली सरकार की उम्मीद से काफी कम रही। जिसे अब सरकार ने खुद खारिज कर दिया।
अब PIA के निजीकरण को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है। पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार अब कतर या अबू धाबी इस एयरलाइन को खरीद सकते हैं। हालांकि, अभी तक इसको लेकर कोई अधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
पाकिस्तान सरकार के पास नहीं होगा अधिकार
पाकिस्तान सरकार के पास पीआईए पूरी हिस्सेदारी थी। अब सरकार राष्ट्रीय एयरलाइन में 51-100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की कोशिश कर रही है। इस साल की शुरुआत से एयरलाइन की हिस्सेदारी की बिक्री शुरू हो गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एयरलाइन की हिस्सेदारी खरीदने के लिए 10 कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई।
पाकिस्तान का न्यूज चैंनल एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान सरकार जी2जी एग्रीमेंट के तहत विदेशी सरकार को राष्ट्रीय एयरलाइन की हिस्सादरी बेचने का प्लान बना रहा है। ऐसे में मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कतर या अबू धाबी पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) की हिस्सेदारी खरीद सकता है। अगर कतर या अबू धाबी पीएआई को खरीद लेते हैं तो पाकिस्तान सरकार के पास PIA का अधिकार खत्म हो जाएगा।
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पाकिस्तान सरकार ने कतर या अबू धाबी से बातचीत करना शुरू कर दिया है। अब माना जा रहा है कि पूर्व-निर्धारित नियमों और शर्तों की मदद से दोनों देशों के बीच बातचीत में तेजी आ सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि कतर 2 अरब डॉलर में पीएआई खरीदने में “रुचि” दिखाई है।
राष्ट्रीय एयरलाइन की निजीकरण के लिए पाकिस्तान निजीकरण मंत्री फवाद हुसैन फवाद ने कतर अधिकारी से बातचीत करनी शुरू कर दी है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच बिक्री के लिए बैठक भी चल रही है।
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क्यों बिक रहा पीआईए
देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए पाकिस्तान सरकार ने एक योजना शुरू की थी। पीएआई की हिस्सेदारी भी इस योजना के तहत बेची जा रही है। इस योजना में 80 से ज्यादा सरकारी उद्यमों को बेचने की योजना है।
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने निजीकरण मंत्रालय का हवाला देते हुए बताया कि 13 नवंबर 2024 को पाकिस्तान सरकार ने पीआईए के लिए आई आखिरी बोली को खारिज कर दिया। पीएआई के लिए आखिरी बोली 60 फीसदी हिस्सेदारी के लिए आया था। यह बोली 36 मिलियन डॉलर यानी 10 अरब पाकिस्तानी रुपए के लिए लगाई गई थी। रियल एस्टेट फर्म ब्लू वर्ल्ड सिटी ने पीएआई को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई थी। पाकिस्तान सरकार ने इस बोली को खारिज कर दिया क्योंकि यह सरकार के न्यूनतम मूल्य से काफी कम था।
पाकिस्तान की राष्ट्रीय एयरलाइन घाटे का सामना कर रही है। पिछले दो दशकों में एयरलाइन को 3.6 बिलियन डॉलर से ज्यादा का घाटा हुआ है। ऐसे में अब यह एयरलाइन कर्ज में डूब गई है। एयरलाइन के घाटे की वजह ज्यादा कर्मचारियों और भ्रष्टाचार को माना जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सितंबर 2023 के नौ महीने में राष्ट्रीय एयरलाइन को 75 बिलियन पीकेआर का घाटा हुआ। ऐसे में पाकिस्तान पहले ही नकदी की कमी का सामना कर रही है। ऐसे में अब सरकार ने राष्ट्रीय एयरलाइन को बेचने के प्रयास को तेज कर दिया है।
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